मुजफ्फरनगर। शहर के जॉली रोड स्थित कृष्णांचल पेपर मिल में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। बताया गया कि रात करीब साढ़े दस बजे बॉयलर से जुड़ी पाइपलाइन की पैकिंग फट गई और उबलता पानी वहाँ काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया। इस दौरान पाँच मजदूर बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई और सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
मुजफ्फरनगर। शहर के जॉली रोड स्थित कृष्णांचल पेपर मिल में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। बताया गया कि रात करीब साढ़े दस बजे बॉयलर से जुड़ी पाइपलाइन की पैकिंग फट गई और उबलता पानी वहाँ काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया। इस दौरान पाँच मजदूर बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई और सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों में सचिन, शेषराज, चंद्रभान और सचिन कुमार शामिल हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया। हादसे की खबर मिलते ही देर रात मिल प्रशासन और परिजन अस्पताल पहुंच गए।
हालांकि, मिल प्रशासन ने बॉयलर फटने की बात से इंकार करते हुए केवल पाइप लाइन की पैकिंग फटने की बात स्वीकारी है। वहीं, फायर विभाग ने भी ऐसे किसी बॉयलर विस्फोट की सूचना से इनकार किया है। लेकिन घटना के बाद सामने आए वीडियो में मजदूर बॉयलर फटने से झुलसते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।
समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने पेपर मिल में आरडीएफ (Refuse Derived Fuel) के भंडारण और उसके जलाने की अनुमति की जांच करने की मांग उठाई है। साथ ही कहा कि यदि अनुमति है तो उसकी प्रति सार्वजनिक की जाए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेपर मिल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे मजदूरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस हादसे की जांच कराई जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। हादसे की खबर मिलते ही देर रात मिल प्रशासन और परिजन अस्पताल पहुंच गए।
हालांकि, मिल प्रशासन ने बॉयलर फटने की बात से इंकार करते हुए केवल पाइप लाइन की पैकिंग फटने की बात स्वीकारी है। वहीं, फायर विभाग ने भी ऐसे किसी बॉयलर विस्फोट की सूचना से इनकार किया है। लेकिन घटना के बाद सामने आए वीडियो में मजदूर बॉयलर फटने से झुलसते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।
समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने पेपर मिल में आरडीएफ (Refuse Derived Fuel) के भंडारण और उसके जलाने की अनुमति की जांच करने की मांग उठाई है। साथ ही कहा कि यदि अनुमति है तो उसकी प्रति सार्वजनिक की जाए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेपर मिल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे मजदूरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस हादसे की जांच कराई जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।










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