मुजफ्फरनगर। जिले में अवैध शराब उत्पादन और तस्करी को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत, आबकारी विभाग की एक टीम ने जिले के कई गांवों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। यह कार्रवाई अतिरिक्त मुख्य सचिव (आबकारी), प्रयागराज के कमिश्नर और मुजफ्फरनगर के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई। ऑपरेशन के दौरान, आबकारी टीम ने आलमपुरा, समाना उर्फ रामराज, कैलापुर जसमाउर, चंदसीना, संझक, नरोत्तमपुर, अटाली और सरोरा सहित कई गांवों के जंगलों और खेतों में छापेमारी की।
टीम ने अवैध शराब उत्पादन के संदिग्ध इलाकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए गहन तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा, गांवों में कुछ घरों, दुकानों और पास के ईंट भट्ठों और सड़क किनारे ढाबों पर अचानक जांच की गई। अंतरराज्यीय शराब तस्करी की संभावना को देखते हुए, आबकारी विभाग ने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भी विशेष निगरानी रखी। आबकारी टीम ने खतौली बाईपास और आसपास के इलाकों में विभिन्न स्थानों पर चेकपॉइंट लगाए और वाहनों की गहन तलाशी ली।
अचानक जांच के दौरान, अलग-अलग आकार के कई वाहनों का निरीक्षण किया गया, और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी गई। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि अंतरराज्यीय शराब तस्करी को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर इसी तरह के जांच अभियान जारी रहेंगे। प्रवर्तन टीमों को शराब के अवैध निर्माण, भंडारण और परिवहन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। आबकारी निरीक्षक अनिल कुमार, विकास चौधरी, महेश लाल नंदन और बिंदेश कुमार अपनी-अपनी टीमों के साथ इस ऑपरेशन में सक्रिय रूप से शामिल थे।











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