मेरठ। कृषि सूचना तंत्र को मजबूत करने और किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से (वर्ष 2025-26) सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में तीन दिवसीय एग्रोक्लाइमेटिक जोन स्तरीय विराट किसान मेला और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस मेले में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि विशेषज्ञों से उन्नत खेती के गुर सीखे।
विशेषज्ञों ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारियां-
मेले के दौरान, विभिन्न संस्थानों के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को नवीनतम तकनीकों और फसलों की नई प्रजातियों के बारे में विस्तार से बताया:
गेहूं की बुवाई: कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) हस्तिनापुर के डॉ. शुभम आर्य ने किसानों को गेहूं की अगेती और पछेती प्रजातियों, बुवाई का सही समय, सीडड्रिल के उपयोग और सहफसली खेती की जानकारी दी।
नैनो टेक्नोलॉजी: आईआईएफएसआर मोदीपुरम के डॉ. ललित कुमार ने ‘नैनो टेक्नोलॉजी’ के तहत नैनो यूरिया के प्रयोग और उसके बेहतर परिणामों से किसानों को अवगत कराया।
गन्ना-सरसों की नई किस्में: गन्ना और सरसों के कृषि वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र कुमार ने इन फसलों की नई ऑर्गेनिक प्रजातियों के चयन और बुवाई के उपयुक्त समय के बारे में मार्गदर्शन किया।
जल संरक्षण: उप कृषि निदेशक (भू०सं०) मेरठ मंडल के प्राविधिक अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने जल संरक्षण, पानी का सही दोहन, खेतों की मेड़बंदी और तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों को जागरूक किया।
इस मेले ने किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जुड़ने और अपनी आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने हेतु प्रेरित किया।











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