मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को जिले में जोरदार प्रदर्शन किया। कचहरी परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने “हल्ला बोल आंदोलन” के तहत कलेक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी की और महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
प्रदर्शन में शामिल पार्टी नेताओं का आरोप है कि योगी सरकार गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के हितों की अनदेखी कर रही है और शिक्षा व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरविंद बालियान ने कहा कि, “योगी सरकार द्वारा 27000 प्राथमिक स्कूलों को बंद करने का निर्णय पूरी तरह जनविरोधी है। आम आदमी पार्टी इसका विरोध सड़क से लेकर संसद तक करेगी। यह सरकार सिर्फ अमीरों और उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है, जबकि गरीबों के बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि सरकार की इस नीति का सीधा असर गरीब तबके पर पड़ेगा। “जब सरकारी स्कूल ही नहीं रहेंगे, तो मजदूर, किसान और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे पढ़ाई कहां करेंगे?” उन्होंने यह भी बताया कि मुजफ्फरनगर में भी 76 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिन्हें मर्ज करने की सूची में शामिल किया गया है।
पार्टी का दावा है कि यह फैसला शिक्षा के निजीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे शिक्षा आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएगी।
“उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जो 27000 प्राइमरी स्कूल बंद करने का फैसला लिया है, वह गरीबों के भविष्य पर कुठाराघात है। अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो आम आदमी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। आंदोलन तेज किया जाएगा।”











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