मेरठ। उत्तर प्रदेश में 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने की योगी सरकार की योजना के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) ने मेरठ में विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष अंकुश चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी को ज्ञापन सौंपा और सरकार की नीतियों को गरीब, दलित और वंचित विरोधी बताया।
सरकार एक ओर पाठशालाएं बंद कर रही है, दूसरी ओर मधुशालाओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर रही है। चौधरी ने सवाल उठाया कि जब 2024 में 27,308 मधुशालाएं खोली गईं, तो 2025 में 27,000 स्कूल क्यों बंद हो रहे हैं? क्या यह प्रदेश को शिक्षा से नहीं, बल्कि नशे से जोड़ने की कोशिश नहीं?
अंकुश चौधरी ने योगी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “यह फैसला बच्चों के भविष्य पर बुलडोजर चलाने जैसा है। सरकार शिक्षा को बर्बाद कर निजीकरण को बढ़ावा देना चाहती है।”
उन्होंने चौंकाने वाले आंकड़े प्रस्तुत किए जिसमें पिछले चार सालों में 42 लाख बच्चों ने सरकारी स्कूल छोड़े, केवल एक साल में 8 लाख बच्चों ने पढ़ाई छोड़ी, अलीगढ़ में 58,000 बच्चों ने स्कूल छोड़े,5,695 स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक कार्यरत है।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि मिड-डे मील योजना में नमक-रोटी और कीड़े-मकोड़े की शिकायतें आम हैं। सरकार सुधार की जगह स्कूल बंद करने पर तुली है, जो सीधे तौर पर RTE (Right to Education) अधिनियम, 2009 का उल्लंघन है।
आम आदमी पार्टी मांग की मेरठ समेत पूरे यूपी में स्कूलों को बंद करने की योजना तत्काल रद्द की जाए,1 किमी के दायरे में स्कूल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए,मिड-डे मील की गुणवत्ता में सुधार किया जाए सभी स्कूलों में भवन, शिक्षक व शिक्षण सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की जाए
प्रतिनिधिमंडल में अंकित गिरी (महानगर अध्यक्ष),जी.एस. राजवंशी (जिला महासचिव),एस.के. शर्मा (जिला संरक्षक),हबीब अंसारी (जिला उपाध्यक्ष),हेम कुमार (शिक्षक प्रकोष्ठ अध्यक्ष),फुरकान त्यागी (किसान प्रकोष्ठ अध्यक्ष),शिव कुमार (युथ विंग अध्यक्ष),सलीम मंसूरी, जावेद सिद्दीकी, कुन्दन कुमार, वैभव मलिक सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए।











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