रामपुर। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। रामपुर की एक एमपी-एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार, 5 दिसंबर, 2025 को उन्हें दो पासपोर्ट रखने के मामले में दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दो अलग-अलग मामलों में कुल 14 साल की सजा-
यह सजा दो पैन कार्ड मामले में उन्हें पहले ही मिल चुकी सात साल की सजा के अतिरिक्त है। नवंबर 2025 में, इसी अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके दो अलग-अलग जन्मतिथि वाले पैन कार्ड बनवाने के मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस तरह, अब्दुल्ला आजम को अब कुल 14 साल की जेल की सजा काटनी होगी।
क्या था मामला?
यह मामला 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराया गया था। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने असत्य और कूटरचित (जाली) दस्तावेजों के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाए और उनका इस्तेमाल विदेश यात्राओं के लिए किया।
पहला पासपोर्ट: शैक्षिक प्रमाण पत्रों में दर्ज जन्मतिथि 1 जनवरी, 1993 के आधार पर बनवाया गया था।
दूसरा पासपोर्ट: पासपोर्ट संख्या Z4307442 में जन्मतिथि 30 सितंबर, 1990 अंकित थी।
अदालत ने इन तथ्यों को धोखाधड़ी माना है। सुनवाई के दौरान अब्दुल्ला आजम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए, क्योंकि वह पहले से ही दो पैन कार्ड मामले में जेल में बंद हैं।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अब्दुल्ला आजम की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने इस पासपोर्ट मामले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) को रद्द करने की मांग की थी, जिसके बाद मामले की सुनवाई फिर से शुरू हुई थी।
केस में आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने असत्य विवरण अंकित पासपोर्ट संख्या जेड 4307442 बनवाया है जो जिसका दुरुपयोग किया जाना भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 तथा पासपोर्ट अधिनियम की धारा -12(1) एके अन्तर्गत दंडनीय अपराध है।











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