नई दिल्ली। विमानन क्षेत्र के नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चालक दल के सदस्यों (पायलटों और केबिन क्रू) के लिए अनिवार्य साप्ताहिक विश्राम से संबंधित अपने हाल ही में जारी किए गए सख्त निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
DGCA का यह फैसला देश की विभिन्न एयरलाइनों के लिए एक बड़ी राहत है, जो लगातार इन कड़े नियमों के कार्यान्वयन में आ रही परिचालन संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयों का हवाला दे रही थीं।
एयरलाइनों की मांग और DGCA का तर्क-
नियामक संस्था ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय एयरलाइनों के संगठन द्वारा दिए गए अभ्यावेदन के बाद लिया गया है। एयरलाइनों ने ‘परिचालन व्यवधानों’ से निपटने, रोस्टर प्रबंधन में लचीलापन लाने और उड़ानों की निरंतरता सुनिश्चित करने की मांग की थी।
पहले जारी किए गए निर्देशों में DGCA ने यह अनिवार्य किया था कि क्रू सदस्यों को साप्ताहिक विश्राम के बदले किसी भी प्रकार का कोई अन्य अवकाश नहीं दिया जाएगा। इन नियमों का प्राथमिक उद्देश्य उड़ान सुरक्षा सुनिश्चित करने और पायलटों व केबिन क्रू की थकान (fatigue) को कम करना था। हालांकि, एयरलाइनों का तर्क था कि इन नियमों के कारण उड़ानों के संचालन में बाधा आ रही थी, जिसके बाद DGCA ने फिलहाल इन निर्देशों पर नरमी बरती है।











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