अहमदाबाद : एयर इंडिया के दर्दनाक हादसे में जहां 241 मुसाफिरों और 29 लोगों की जान चली गई. इस दिल दहला देने वाली त्रासदी में एक उम्मीद की किरण भी बची रह गई. लंदन जा रही इस फ्लाइट में ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश अकेले ऐसे यात्री हैं जो मलबे, आग और जले हुए शवों के बीच से जिंदा बाहर निकलने में कामयाब हुए. डॉक्टरों के मुताबिक रमेश अब खतरे से बाहर हैं और अगले 2-3 दिन में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल पहुंचकर रमेश से हालचाल पूछा और उनका हौसला बढ़ाया.
क्रैश में मारे गए यात्रियों के परिवारों को दिक्कत न हो, इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हालात की जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि अब तक 11 लोगों का डीएनए मैच हो चुका है और एक शव परिवार को सौंप भी दिया गया है. देर रात तक दो और शवों को परिजनों को हैंडओवर किया जाएगा.
हादसे के बाद गुजरात में 230 टीमें बनाई गई हैं जो हर परिवार से संपर्क कर रही हैं ताकि उन्हें बॉडी लेने में कोई परेशानी न हो. टीम के लोग लगातार पीड़ित परिवारों को फोन कर रहे हैं और जरूरी जानकारी दे रहे हैं. ब्रिटेन से भी मृतकों के परिजन अगले दो दिनों में अहमदाबाद पहुंचने वाले हैं.
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि हादसे में घायल ज्यादातर लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है. फिलहाल सिर्फ 2-3 लोग ICU में हैं, जिनकी हालत पर डॉक्टर्स नजर बनाए हुए हैं.
रमेश ने मीडिया को बताया कि हादसे के वक्त विमान ने उड़ान भरते ही हिचकोले खाने शुरू कर दिए थे और ऐसा लगा कि प्लेन हवा में फंस गया है. इसके बाद विमान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से जा टकराया. रमेश के मुताबिक उनका हिस्सा बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर आ गिरा. उन्होंने किसी तरह सीट बेल्ट खोली और टूटे दरवाजे से बाहर निकल गए.
हादसे में रमेश के भाई की भी जान चली गई, जिसका उन्हें अभी तक यकीन नहीं हो पा रहा. रमेश ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद उन्होंने अपने पिता को वीडियो कॉल कर बताया कि वो जिंदा हैं लेकिन भाई का कुछ पता नहीं. रमेश अब धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं और डॉक्टरों के मुताबिक 2-3 दिन में घर लौट जाएंगे. परिवार और अस्पताल प्रशासन उनकी जल्दी रिकवरी की दुआ कर रहे हैं.











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