लखनऊ। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर साझा किए गए एक पोस्टर में घटना को धर्म और जाति से जोड़ने की कोशिश की गई है। भाजपा की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा डाले गए इस पोस्टर में लिखा गया- “धर्म पूछा, जाति नहीं।”
इस आपत्तिजनक पोस्ट पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे “भाजपा का बड़ा पाप” करार देते हुए कहा कि भाजपा ने इस दर्दनाक घटना को भी राजनीतिक हथियार बना दिया है।
अखिलेश यादव ने X पर लिखा कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के बेहद दर्दनाक हादसे पर बचकाना और संवेदनहीन विज्ञापन जारी कर यह साबित कर दिया है कि उसे उन लोगों की पीड़ा की कोई चिंता नहीं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।”
उन्होंने कहा कि यह पोस्ट भले ही हट जाए, लेकिन भाजपा का यह पाप उसके कट्टर समर्थक भी माफ नहीं करेंगे। भाजपा हमेशा आपदा को अवसर में बदलने की कोशिश करती है और सियासत करती है। सत्ता के अलावा भाजपा को किसी से कोई मतलब नहीं।”
अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि जब जम्मू-कश्मीर में भाजपा की सरकार है और सब कुछ उनके नियंत्रण में है, तो इतनी बड़ी चूक के लिए जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। उन्होंने सरकार की खुफिया विफलता को भी जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर भाजपा सरकार ने पूर्व के हमलों से सबक लिया होता, तो इस हमले को रोका जा सकता था।”
उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए भाजपा से “झूठी बैठकों और दिखावटी संवेदनाओं” से परहेज़ करने की अपील की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने तीखे सवाल उठाते हुए लिखा क अगर भाजपा नेता और उनके सहयोगी देशभर के पर्यटकों को जम्मू-कश्मीर भेजने की वकालत करते हैं, तो उनकी सुरक्षा का इंतज़ाम क्यों नहीं किया गया?”
उन्होंने पहलगाम जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर हमले को सरकार की रणनीतिक विफलता बताया और कहा कि जिस स्थान पर देश के अनेक राज्यों के पर्यटक मौजूद थे, वहाँ पहले से सुरक्षा बैठकों की जरूरत थी।”
अखिलेश यादव ने अग्निवीर योजना, घटते सुरक्षा बल, कमजोर हथियार और संसाधनों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर देश की सुरक्षा के साथ समझौता करने का आरोप लगाया।
अखिलेश ने अंत में कहा कि कोई भी प्रतिक्रिया मरे हुए लोगों को वापस नहीं ला सकती। जिन परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया, उनके दर्द को भाजपा की ये राजनीतिक चालें और अधिक बढ़ा रही हैं।”
उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी में जिनका कोई योगदान नहीं था, वे अब देश को गुमराह कर रहे हैं। इतिहास और भविष्य दोनों भाजपा को माफ नहीं करेंगे।”
जिस पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वह भाजपा के छत्तीसगढ़ इकाई के अधिकारिक X हैंडल से साझा किया गया था। इस पोस्टर को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और BJP पर शहीदों के अपमान और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लग रहा है।










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