लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) फॉर्म भरने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव ने 27 नवंबर को खुद एसआईआर फॉर्म भरकर एक तरफ जहां प्रक्रिया में शामिल होने का संकेत दिया, वहीं दूसरी ओर भाजपा और चुनाव आयोग पर जोरदार हमला भी बोला।
एसआईआर फॉर्म भरा, पर हमला जारी-
अखिलेश यादव ने 27 नवंबर को फॉर्म भरा, जिसकी तस्वीर भी सामने आई। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर हमला जारी रखा है।
‘आयोग के हाथ खून से रंगे’-
शनिवार को एक प्रेस वार्ता में अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर के कारण बीएलओ पर भारी दबाव है, जिससे उनकी मौतें हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे हैं’ और यह सब भाजपा के साथ मिलीभगत की साजिश है।
मृतक बीएलओ के परिवार को मदद-
अखिलेश ने इस दौरान मलिहाबाद के मृतक बीएलओ विजय कुमार वर्मा की पत्नी संगीता को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी। उन्होंने कहा कि सपा पीड़ित परिवारों के साथ है, जबकि सरकार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देनी चाहिए।
सड़क से संसद तक मुद्दा उठाने का ऐलान-
सपा मुखिया ने कहा कि यह मुद्दा पहले लोकसभा में उठाया जाएगा और फिर इसके खिलाफ सड़क पर भी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा एसआईआर के जरिए वोट काटने की साजिश कर रही है, जो संविधान प्रदत्त अधिकारों को छीनने का प्रयास है।










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