भुवनेश्वर। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के एक बयान पर भाजपा और उनके बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने मदनी के बयान को भड़काऊ और देश को बांटने वाला बताया, जबकि मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी कर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।
मदनी के जिहाद संबंधी बयान पर भड़की भाजपा-
जिहाद पर बवाल: पात्रा ने मदनी के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा’। पात्रा ने कहा कि इस तरह के शब्द देश को विभाजित करते हैं, खासकर तब जब जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैला है।
देश की एकता पर हमला: पात्रा ने इस बयान को देश की एकता पर हमला करार देते हुए इसकी गहन जांच की मांग की।
अस्वीकार्य ठहराया: भाजपा ने भारत में जिहाद के आह्वान को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।
सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी को लेकर भी नाराजगी-
सर्वोच्च संस्था का अपमान: मदनी ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर भी विवादित टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट को सुप्रीम कहलाने का कोई हक नहीं है’ और वह सरकार के दबाव में काम करती है। इस पर पात्रा ने कहा कि यह टिप्पणी सर्वोच्च संस्था को कमजोर करने की कोशिश है।
स्वतः संज्ञान की मांग: पात्रा ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है।
विपक्ष और विकास पर भी साधा निशाना-
विपक्ष पर आरोप: पात्रा ने विपक्ष और कुछ नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश की अर्थव्यवस्था तरक्की कर रही है (Q2 जीडीपी के आंकड़े), वहीं दूसरी तरफ कुछ नेता भ्रम और नफरत फैलाने वाले बयान दे रहे हैं।
नफरत फैलाने की कोशिश: पात्रा ने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी तरह की नफरत, हिंसा या राष्ट्रविरोधी बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं करेगी, क्योंकि यह देश के विकास के रास्ते में बाधा है।











Discussion about this post