लखनऊ में एएसपी की पत्नी की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। एएसपी मुकेश प्रताप के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। उनके भाई की तहरीर पर महानगर थाने में केस दर्ज किया गया है।
लखनऊ में सीआईडी में तैनात एएसपी मुकेश प्रताप सिंह के खिलाफ महानगर थाने में हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। यह केस एएसपी की पत्नी नितेश के भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ है। बुधवार को नितेश का शव लखनऊ पुलिस लाइन स्थित उनके आवास में फंदे से लटका मिला था। एफआईआर में एएसपी के अलावा उनके माता-पिता, भाई और बहन का नाम भी शामिल है।
मूलरूप से फिरोजाबाद के नगला करन सिंह निवासी नितेश के भाई प्रमोद कुमार ने शनिवार रात महानगर थाने में एएसपी और उनके परिवार वालों के खिलाफ तहरीर दी थी। आरोप है कि नितेश की साजिश के तहत हत्या की गई है।
एफआईआर के मुताबिक, नितेश की शादी 30 नवंबर 2012 को मुकेश प्रताप सिंह से हुई थी। मुकेश इटावा के भीमनगर, अजीतनगर के रहने वाले हैं। नितेश के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो जुड़वा हैं। आरोप है कि शादी के कुछ वर्ष बाद ही मुकेश के आशियाना निवासी पूनम से करीबी संबंध हो गए थे।
इस वजह से मुकेश लगातार नितेश को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते थे। इसकी जानकारी नितेश ने प्रमोद और माता-पिता को दी थी। नितेश ने बताया था कि पूनम से उसके पति फोन व मैसेज से बात करते हैं और घर के बाहर मिलते हैं।
प्रमोद ने हर बार बहन को परिवार व बच्चों के भविष्य का हवाला देकर समझा दिया और नितेश को वापस मुकेश के पास भेज दिया। आरोप है कि पूनम के बारे में शिकायत मुकेश के पिता रमेश चंद्र, मां सुधा, भाई अनुभव चंद्रा से की गई, पर उन्होंने आरोपी का ही साथ दिया।
इस वजह से नितेश परेशान रहने लगी। आरोपी आए दिन नितेश से मारपीट और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा।
प्रमोद के मुताबिक 29 जुलाई को मुकेश ने बहन आस्था के साथ मिलकर नितेश की पिटाई की थी। आरोप है कि उसी महिला को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इस दौरान आरोपियों ने नितेश से कहा था कि या तो घर से निकल जा, या फिर कहीं मर जा…।
इस बात की जानकारी प्रमोद को उनकी भांजी अनन्या ने 30 जुलाई को दिन में करीब तीन बजे फोन कर बताया था। अनन्या ने यह भी बताया था कि नितेश फंदे से लटकी हैं। यह सूचना मिलने के बाद प्रमोद रात में लखनऊ पुलिस लाइन पहुंचे तो नितेश का शव फर्श पर पड़ा था।
प्रमोद का आरोप है कि पुलिस लाइन पहुंचने पर वहां मुकेश के घरवाले नहीं मिले। आरोप है कि पहले भी मुकेश और उनके घरवाले नितेश से मारपीट कर चुके थे। आरोपियों ने नितेश पर तलाक का दबाव डाला और प्लानिंग के तहत उसकी हत्या कर दी।
इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्र के मुताबिक तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले, लखनऊ में सीआईडी में तैनात एएसपी मुकेश प्रताप सिंह की पत्नी नितेश सिंह (38) की आत्महत्या के मामले में बृहस्पतिवार (एक अगस्त) को एक वीडियो सामने आया था। इसमें नितेश ऑटिज्म से पीड़ित 12 वर्ष के बेटे अनिकेत पर पति से अनबन का गुस्सा निकालते दिख रही हैं। यह वीडियो घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का है।
54 सेकंड के वीडियो में अनिकेत बेड पर लेटा नजर आ रहा है, जबकि नितेश का डेढ़ साल का बेटा फर्श पर टहल रहा है। नितेश बेड पर जाकर बैठती हैं और पहले तकिये से चार सेकंड तक बेटे का मुंह दबाती हैं। फिर 13 सेकंड तक बेटे का गला दबाए रहती हैं। बेटे के छटपटाने पर उसे छोड़ देती हैं और फिर उसके पास गुमसुम बैठी दिख रही हैं।
एएसपी मुकेश की पत्नी नितेश ने पुलिस लाइन स्थित आवास में बुधवार शाम (30 जुलाई) को फंदा लगाकर जान दे दी थी। नितेश के भाई ने एएसपी पर एक महिला से नजदीकियों का आरोप लगाया था। प्रमोद का आरोप था कि एएसपी की प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बहन ने आत्महत्या की है। वहीं, एएसपी के घरवालों का कहना है कि नितेश डिप्रेशन में थीं, जिनका इलाज चल रहा था।
मां अवसाद में हो सकती है पर इससे उसका अपने बच्चे के प्रति प्रेम कम नहीं हो जाता। वीडियो में तकिया उठाने पर स्थिति कुछ संदेहास्पद लगती है, लेकिन बाकी वीडियो में कहीं भी ऐसा नहीं लगता कि मां अपने बेटे की जान लेने की कोशिश कर रही है। जिस तरह से वह शांत बैठी है उससे लगता है कि उसके मन में भावनाओं का ज्वार बह रहा है। संभव है कि आत्महत्या से पहले उसे अपने बच्चे के भविष्य की चिंता सता रही हो। -डॉ. देवाशीष शुक्ला, मनोचिकित्सक, बलरामपुर अस्पताल










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