ढाका। मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बनी बांग्लादेश की ताजा हिंसा ने पूरी दुनिया को दहला दिया है। युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश गृहयुद्ध जैसी स्थिति में पहुँच गया है। ढाका से लेकर राजशाही तक हर तरफ आगजनी और तबाही का मंजर है।
घटनाक्रम की मुख्य बातें-
मीडिया संस्थानों पर जानलेवा हमला: आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के दो सबसे बड़े अखबारों, ‘प्रोथोम आलो’ और ‘डेली स्टार’ के कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया। हमलावरों ने इन अखबारों पर भारत के साथ सांठ-गांठ करने का गंभीर आरोप लगाया।
30 लोगों का रेस्क्यू: जब ‘डेली स्टार’ की इमारत धूं-धूं कर जल रही थी, तब कई कर्मचारी अंदर ही फंसे हुए थे। दमकल विभाग और रेस्क्यू टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद लगभग 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। भीड़ ने सड़कों की घेराबंदी कर रखी थी, जिससे राहत कार्य में भारी देरी हुई।
अवामी लीग पर बुलडोजर एक्शन: राजशाही जिले में प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के कार्यालय को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया।
सांस्कृतिक स्थलों पर हमला: ढाका के प्रसिद्ध सांस्कृतिक संगठन ‘छायानाट’ के परिसर में भी जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई।
राजकीय शोक और तनाव: अंतरिम यूनुस सरकार ने शरीफ उस्मान हादी के सम्मान में शनिवार को राजकीय शोक की घोषणा की है। फरवरी 2026 में होने वाले चुनावों से ठीक पहले इस हिंसा ने देश की स्थिरता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिंसा की वजह: प्रदर्शनकारियों में भारत के खिलाफ भी गुस्सा देखा जा रहा है क्योंकि निर्वासित प्रधानमंत्री शेख हसीना वर्तमान में भारत में ही शरण लिए हुए हैं। पूरे देश में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।











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