नई दिल्ली। देशभर के किसानों के लिए आगामी सप्ताह निर्णायक साबित हो सकता है। रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की एक अहम बैठक 16 जून 2025 को नई दिल्ली स्थित अम्बेडकर भवन में होने जा रही है। इस बैठक में किसानों की आवाज को मजबूती से रखने के लिए भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रही है।
संगठन ने बैठक में भाग लेने के लिए अपने दो वरिष्ठ पदाधिकारियों — राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक और मध्य प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह — को अधिकृत किया है। दोनों प्रतिनिधि विभिन्न राज्यों से प्राप्त आंकड़ों एवं खेती की लागत संबंधी जानकारी के साथ किसानों का पक्ष आयोग के समक्ष ठोस तथ्यों के साथ रखने जा रहे हैं।
बैठक में भाकियू की मुख्य मांग यह होगी कि रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य C2 लागत में 50% लाभ जोड़कर तय किया जाए। यह वही फॉर्मूला है जिसकी सिफारिश एमएस स्वामीनाथन आयोग ने की थी, लेकिन आज तक इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। किसान संगठन का मानना है कि जब तक MSP में C2+50% का वैज्ञानिक आधार नहीं अपनाया जाएगा, तब तक किसानों को उनकी उपज का न्यायोचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।
बैठक में भाकियू ‘एक फसल, एक भाव, एक राष्ट्र’ की नीति को अपनाने पर भी विशेष ज़ोर देगी। वर्तमान में अलग-अलग राज्यों में एक ही फसल के लिए अलग-अलग MSP लागू हैं, जिससे किसानों में असंतोष है। किसान संगठन इसे संविधान के समानता के अधिकार का उल्लंघन मानता है और कहता है कि देशभर के किसानों को एक जैसी फसल के लिए समान मूल्य मिलना चाहिए।
धर्मेंद्र मलिक ने कहा, “MSP केवल आंकड़ा नहीं, किसान की ज़िंदगी का सवाल है। जब सरकार ‘एक राष्ट्र, एक टैक्स’ लागू कर सकती है, तो किसानों के लिए ‘एक फसल, एक भाव’ क्यों नहीं?”
C2 लागत में खेती की कुल लागत के साथ भूमि किराया, पारिवारिक श्रम, ब्याज आदि शामिल होते हैं। इस आधार पर यदि सरकार 50% लाभ जोड़कर MSP तय करती है, तो किसान को वास्तविक लाभ होता है। फिलहाल कई MSP A2+FL के आधार पर तय होते हैं, जो काफी कमतर आंकड़ा है।
रबी सीजन की प्रमुख फसलें जैसे गेहूं, चना, जौ, मसूर, सरसों आदि के समर्थन मूल्य का यह निर्धारण 2026-27 विपणन वर्ष के लिए होगा, और लाखों किसानों की आजीविका इससे प्रभावित होगी। ऐसे में भाकियू का प्रतिनिधिमंडल यदि मजबूत दलीलें पेश करता है तो यह किसानों के पक्ष में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।











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