बिजनौर। यूपी के बिजनौर जिले में सऊदी से वापसी और घर पर रहकर कामकाज करना रिश्ते के भांजे को नहीं भाया। आरोपी ने दोस्त का सहारा लेकर मामा फारुख के कत्ल की पटकथा लिख डाली। असरगरपुर के जंगल में मिले शव की शिनाख्त के बाद पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है।
दो आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। फिलहाल पुलिस मृतक की पत्नी से पूछताछ में जुटी है। सोमवार की देर शाम असगरपुर गांव के जंगल में मालन नदी तटबंध पर बाइक पर सवार होकर पहुंचे। जिसमें दो युवकों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर थी और भाग निकले।
मृतक की शिनाख्त फारुख (35) पुत्र हसीनुद्दीन निवासी मोहल्ला ढोलकियान के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी के संबंध रिश्ते के भांजे मेहरबान से हो गए थे। इसी के चलते इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
बताया गया कि दोनों आरोपी फारुख को बाइक पर बैठाकर ले गए। पहले मेहरबान ने तमंचे से गोली मारी, मगर निशाना सटीक नहीं लगा, गोली हाथ को छूकर निकली। इसके बाद तमंचा उमर ने ले लिया और दो गोलियां चलाई। जोकि फारूख की पीठ में लगी। इसके साथ ही पत्थर से उसका सिर भी कुचला गया।
सोमवार की शाम फारुख का गोली लगा शव असगरपुर के जंगल में मालन नदी के तटबंध के पास पड़ा मिला था। हत्यारे सिल्वर रंग की बाइक से भाग निकले थे। पुलिस ने पास के गांव में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली तो दोनों आरोपी बाइक से जाते नजर आए। फुटेज लोगों को दिखाई गई तो एक ग्रामीण ने पहचान लिया कि एक आरोपी जिम में जाता है।
मृतक की शिनाख्त करने के बाद उसके भाई नईम पुत्र हसीनुद्दीन निवासी मोहल्ला ढोलकियान किरतपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें मेहरबान पुत्र अहसान और उमर पुत्र जुल्फकार को नामजद कराया है। आरोपी किरतपुर के मोहल्ला अफगानान के रहने वाले हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में साफ हुआ कि हत्या को अंजाम देने के लिए पास के ही गांव से पांच दिन पहले तमंचा खरीदा था।फारुख पहले सऊदी अरब में रहकर काम करता था। जहां से पैसा कमाने के बाद वह अपने घर किरतपुर लौट आया। यहां उसने छोटा हाथी वाहन खरीदा और उसे चलाकर घर परिवार का खर्च उठाने लगा था। फारूख के फिर से सऊदी नहीं जाने की बात मेहरबान को अखरने लगी थी।
पुलिस के अनुसार मेहरवान के संबंध अपनी मामी यानि फारुख की पत्नी से थे। इन संबंधों में उसका घर रहना आड़े आ रहा था। आरोपी मेहरबान गांव-गांव जाकर कपड़ों की फेरी करता है। बताया गया कि आरोपी मेहरबान मृतक की चचेरी बहन का बेटा है।
फारुख हत्याकांड के आरोपी मेहरबान और उमर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी संजीव बाजपेई ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों की घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पार्टी पर फायर झोंका। जवाबी फायरिंग में मेहरबान के पैर में गोली लगी। इनके पास तमंचा, मृतक की बाइक और अंगूठी बरामद की गई है।
पुलिस की पूछताछ में मेहरबान ने बताया कि फारुख की पत्नी के साथ उसके कई वर्षों से संबंध थे। फारुख संबंधों की वजह से अपनी पत्नी को परेशान किया करता था, उसकी पत्नी ने यह बात मेहरबान को बताई। इसके बाद मेहरबान ने फारुख की हत्या करने का पूरा प्लान बना लिया। फिलहाल मृतक की पत्नी भी पुलिस की जांच के घेरे में आ गई है।











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