बिजनौर। बिजनौर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब दारानगर गंज रोड स्थित एक बंद कृषि फार्म में प्रेमी-प्रेमिका के शव फंदे पर लटके मिले। शनिवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक और युवती का शव संदिग्ध हालत में पड़ा है। दोनों छह दिन से लापता थे और परिवार उनकी तलाश में भटक रहा था। पुलिस और एसपी अभिषेक झा मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों ने आत्महत्या की है।
एसपी अभिषेक झा ने बताया कि घटनास्थल बेहद दर्दनाक और विचलित करने वाला था। निखिल का शव अब भी फंदे पर लटका था, जबकि युवती चंचल का शव जमीन पर पड़ा मिला। आशंका जताई गई कि दोनों एक ही फंदे से लटके थे, लेकिन फंदा टूटने पर चंचल नीचे गिर गई। इस दौरान फार्म में मौजूद आवारा जानवरों ने उसके दोनों हाथ खा लिए, जिससे दृश्य और भी भयावह हो गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
21 वर्षीय निखिल और 14 वर्षीय चंचल एक ही बिरादरी के थे और पड़ोसी भी। दोनों एक साल से रिलेशनशिप में थे। निखिल प्राइवेट नौकरी करता था जबकि चंचल पढ़ी-लिखी नहीं थी। निखिल के परिवार में तीन भाई और एक बहन है, वहीं उसके पिता की एक महीने पहले बीमारी से मौत हो चुकी थी। दूसरी ओर, चंचल के पिता की दो साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी और वह अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी।
27 अक्टूबर को चंचल घर से गायब हो गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला। जब वे निखिल के घर गए तो पता चला कि वह भी गायब है। दोनों के गायब होने के बाद दोनों परिवारों ने थाने में तहरीर दी और पुलिस ने तलाश के लिए टीम गठित कर दी। कई दिनों की खोज के बाद रविवार, 2 नवंबर को पुलिस को सूचना मिली कि फार्म में दो शव पड़े हैं। मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने पुष्टि की कि वह निखिल और चंचल ही थे।
घटना की सूचना पर निखिल की मां पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचीं। बेटे का शव देखते ही वह चीख पड़ीं और रोते-रोते बार-बार बेहोश हो गईं। दूसरी ओर, चंचल के परिवार ने आरोप लगाया है कि “उनके परिवार वालों ने बहला-फुसलाकर निखिल को बुलाया और दोनों को मार दिया।” पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं और मामले की कानूनी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।











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