मेरठ। मवाना नगर के युवक को राज्यपाल ने गोल्ड मेडल से सम्मानित कर हौंसला बढ़ाया। यह सम्मान लखनऊ में आयोजित दीक्षांत समारोह में दिया गया। गोल्ड मेडल मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है व शुभचिंतकों की ओर से शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है।
अटौरा रोड़ निवासी एम बिलाल मंसूरी पुत्र उस्मान ने डॉक्टर शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्विद्यालय लखनऊ से परास्नातक समाजकार्य कोर्स किया है। जिसमें बिलाल ने अपनी कक्षा में दिव्यांग श्रेणी में सर्वाधिक 7.62 सीजीपीए हासिल किए हैं। मंगलवार को विश्वविद्यालय के अटल ऑडिटोरियम में आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन ने अध्यक्षता की, मुख्यातिथि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय आयुक्त दिव्यांगजन एस गोविंदराज रहे, अतिथि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग उत्तर प्रदेश मंत्री नरेंद्र कश्यप व कुलपति संजय सिंह रहे। यह पहली बार है कि विश्विद्यालय में दिव्यांग व गैर दिव्यांग छात्रों की अलग अलग मेडल लिस्ट बनाई गई है जिससे दिव्यांगो का भी हौंसला बढ़े। बिलाल बहु विकलांगता से ग्रस्त है।
जिस कारण गैर दिव्यांग छात्रों के मुकाबले आहिस्ता लिखता हैं। लेकिन दिव्यांगो की अलग श्रेणी बनने पर बिलाल को गोल्ड मेडलिस्ट चुना गया जिससे बिलाल बहुत खुश है और राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। बिलाल पहले से ही सामाजिक कार्य के प्रति जुझारू रहा है। जनहित की शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रदूषण व अन्य समस्याओं को प्रमुखता से प्रशासन के समक्ष उठाते हैं। बिलाल ने बताया कि अपने इसी सामाजिक कार्य को पेशेवर और बेहतर ढंग से करने के लिए मैने समाज कार्य डिग्री को चुना था। आपको बता दें कि बिलाल ने जामिया मिल्लिया से ग्रेजुएशन में मास मीडिया का कोर्स किया है।
बिलाल अपने यूट्यूब चैनल एम बी एम हिंदी न्यूज के माध्यम से पत्रकारिता भी करते हैं तथा दिव्यांगो के हित के लिए विकलांग अधिकार एवं उत्थान समूह भी चलाते हैं। बिलाल ने इस अवार्ड के श्रेय पर कहा कि अल्लाह का शुक्र है कि मुझे इससे नवाज़ा गया। उसके बाद इसका श्रेय माता पिता, भाई बहन, शिक्षक, रिश्तेदार, व शुभचिंतकों की दुआओं का परिणाम है। बिलाल आगे कहते हैं कि मैं अपने कार्य को ऊंचाई तक ले जाने के लिए जल्द ही एक सामाजिक गैर सरकारी संस्था की स्थापना भी करने जा रहा हूँ। जिसके माध्यम से लोगों को शैक्षिक, स्वास्थ्य, रोजगार व अन्य आवश्यक लाभ दिलाने व उनकी समस्या के समाधान के लिए कार्य किया जाएगा।
बिलाल के पिता उस्मान ने कहा कि लोग ज्यादा से ज्यादा सैलरी की तरफ अपने बच्चों को दौड़ाते हैं। लेकिन मुझे खुशी है कि मेरा बेटा अपनी पढ़ाई के साथ जनसेवा भी करता है। मैं तो चाहता हूं कि यह आगे और भी पढ़ना चाहे तो पढ़े। लेकिन मैं सिर्फ पैसा कमाने के पक्ष में नहीं हूँ। बल्कि इंसानियत के लिए भी कार्य करना चाहिए। समाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ अर्चना सिंह, प्रोफेसर डॉ रुपेश कुमार सिंह व डॉ मनीष द्विवेदी ने कहा कि जब हमारे छात्रों को अवॉर्ड मिलता है तो उसकी खुशी सिर्फ छात्रों को ही नहीं बल्कि शिक्षकों को भी होती है। विभाग के लिए यह गर्व की बात है कि समाज कार्य में तीन गैर दिव्यांग व दो दिव्यांगो को भी मेडल मिला है। जिसमें बिलाल भी शामिल है। बिलाल पहले दिन से बहुत जुझारू है और बहुत लगाव से पढ़ता और सीखता है।











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