नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का उत्साह चरम पर है। पार्टी अब अपनी राजनीतिक पकड़ और विस्तार को देखते हुए पश्चिम बंगाल पर भी नजरें टिकाए हुए है। इस बीच बीजेपी के लिए एक बड़ी खबर यह है कि राज्य विधानसभाओं में पार्टी का प्रतिनिधित्व अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुका है।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने हाल ही में दावा किया कि पार्टी अगले दो वर्षों में पूरे देश में 1800 विधायकों की संख्या पार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा एक पोस्ट में मालवीय ने भाजपा की इस तेजी से बढ़ती प्रगति की तुलना कांग्रेस के रिकॉर्ड से की। उन्होंने लिखा कि इस रफ्तार से भाजपा अगले दो सालों में बिना किसी झिझक के 1800 विधायकों का आंकड़ा पार कर लेगी।
मालवीय ने बताया कि 1985 में कांग्रेस अपने चरम पर लगभग 2018 विधायकों के साथ पहुंची थी। उन्होंने तर्क दिया कि उस समय की राजनीतिक परिस्थितियां सत्ता को मजबूत करने और मतदाताओं को प्रभावित करने में आसान थीं। वहीं, भाजपा का उदय धीरे-धीरे, लगातार और कड़ी मेहनत से हुआ है। जहां कांग्रेस को यह शिखर वंशानुगत विरासत में मिला, वहीं भाजपा ने इसे सीट-दर-सीट, राज्य-दर-राज्य और संघर्ष-दर-संघर्ष अर्जित किया।
पार्टी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2014 के बाद से भाजपा के विधायकों की संख्या लगातार बढ़ती रही है। पार्टी के लिए यह आंकड़ा न केवल राजनीतिक मजबूती का प्रतीक है बल्कि आगामी पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का भी हिस्सा है। बीजेपी का मानना है कि इस प्रगति और तैयारी के दम पर वह अगले दो वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती है।











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