नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट केस में नया मोड़ आया है जहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी मनी लांड्रिंग जांच के तहत ईडी ने दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में एक साथ 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है।
मालूम हो कि यह कार्रवाई उसी कड़ी का हिस्सा है जिसमें 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक आतंकी विस्फोट हुआ था। इस घटनाक्रम में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। इस विस्फोट का संबंध एक आतंकी मॉड्यूल से जोड़ा जा रहा है।
जांच एजेंसियों, खास तौर से NIA और दिल्ली पुलिस, ने बताया कि विस्फोट से जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी के करीबी सहयोगी बताए जा रहे हैं।
दिल्ली और अन्य राज्यों में जारी छापेमारी में महू में यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद के पुराने आवास और फरीदाबाद स्थित अल फलाह के परिसर, ओखला स्थित ट्रस्ट के दफ्तर समेत कई स्थान शामिल हैं।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की ओर से इन आरोपों को नकारा गया है और कहा गया है कि यूनिवर्सिटी के कैंपस का इस्तेमाल किसी भी आतंकी गतिविधि के लिए नहीं किया गया। जांच अभी जारी है और एजेंसियां अपनी समीक्षा में लगी हैं।











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