मुज़फ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के जेल महानिदेशक (डीजी) पीवी रामा शास्त्री शुक्रवार को मुज़फ्फरनगर जिला कारागार के निरीक्षण पर पहुंचे। उन्होंने जेल के विभिन्न हिस्सों का जायज़ा लिया और मुलाकातियों से जेल में दी जा रही सुविधाओं को लेकर जानकारी ली। इस दौरान एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “गिनती कटवाने” के नाम पर जेल स्टाफ ने उससे ₹21,000 हजार की रिश्वत ली है।
जेल डीजी ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामले की जांच मेरठ स्थित डीआईजी जेल कार्यालय से कराई जाएगी। उन्होंने संबंधित महिला की लिखित शिकायत दर्ज कर ली है।
डीजीपी रामा शास्त्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जनपद शामली में जिला जेल के निर्माण की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। उन्होंने कहा कि “शामली जेल के लिए 90% ज़मीन का अधिग्रहण हो चुका है। अगले दो से तीन साल में जेल बनकर तैयार हो जाएगी। इससे मुज़फ्फरनगर जेल का भार काफी हद तक कम हो जाएगा।”
उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में जहां नए ज़िले बने हैं और जेलों की सुविधा नहीं है, वहां नई जेलों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। इससे पुराने जिलों की जेलों का बोझ भी कम किया जा सकेगा।
पूर्व विधायक शाहनवाज राणा के पास जेल में मोबाइल मिलने के सवाल पर डीजीपी ने सीधा जवाब देने से परहेज़ करते हुए कहा, “प्रदेश की सभी जेलों में मोबाइल के प्रयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। हर महीने नियमित रूप से चेकिंग की जाती है और हमारे पास आधुनिक उपकरण और इंटेलिजेंस नेटवर्क मौजूद है। हम लगातार निगरानी करते हैं कि जेल में कोई अवैध गतिविधि न हो। उन्होंन बताया कि मुज़फ्फरनगर जेल में “ए-प्रेज़ेंस” नामक पायलट प्रोजेक्ट भी चलाया जा रहा है, जिसका निरीक्षण उन्होंने किया।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी, जेलर राजेश सिंह सहित जेल स्टाफ के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।











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