मुजफ्फरनगर। कचहरी परिसर स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंची एक पीड़ित महिला ने अपने देवर-जेठ पर मारपीट करने और सरेआम कपड़े फाड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने स्थानीय पुलिस पर भी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए, एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता राधिका ने जानकारी देते हुए बताया कि वह पिछले चार सालों से न्याय के लिए भटक रही है। उनके अनुसार, उनके ससुर का पूरा परिवार उनके साथ अक्सर मारपीट करता है, खासकर तब जब उनके पति घर पर नहीं होते हैं।
राधिका ने बताया कि बीती 2 अक्टूबर को उनके देवर-जेठ ने घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की और सड़क पर उनके कपड़े तक फाड़ दिए, जो बेहद शर्मनाक कृत्य था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि थाना सिविल लाइन की कच्ची सड़क पुलिस चौकी इंचार्ज, विनोद कुमार, ने आरोपियों के खिलाफ उसकी मूल तहरीर को बदलवाकर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और केवल नाम मात्र की कार्यवाही की।
पीड़िता ने बताया कि जब वह दो दिन पहले कप्तान साहब (एसएसपी) से मिली, तो चौकी इंचार्ज विनोद कुमार ने उन्हें डरा-धमका कर दूसरी एप्लीकेशन लिखवा दी। राधिका ने यह भी कहा कि चौकी इंचार्ज ने उनसे कहा था कि “यदि किसी को बुलाओगी तो मैं कार्यवाही नहीं करूंगा।”
राधिका का आरोप है कि पुलिस वाले या तो इसे ‘पारिवारिक मामला’ कहकर टाल देते हैं, या फिर आरोपियों से पैसे लेकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रहे हैं।










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