शामली। मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद की उर्वरक वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों, थोक विक्रेताओं एवं समितियों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि वर्तमान में जनपद में 3436 मैट्रिक टन यूरिया और 1828 मैट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरकों की उपलब्धता है। साथ ही, जसाला स्थित बफर गोदाम में लगभग 2500 मैट्रिक टन विभिन्न प्रकार के उर्वरक मौजूद हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उर्वरकों की ओवर रेटिंग या कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उर्वरक वितरण पर सतत निगरानी रखी जाए और प्रत्येक विक्रेता किसानों को अनिवार्य रूप से कैश मेमो दें। साथ ही निर्देशित किया गया कि कोई भी पेंडिंग एनक्लोजमेंट नहीं रखा जाए।
सीडीओ ने यह भी कहा कि जनपद के टॉप-20 बायर्स को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्राइवेट रैक से प्राप्त उर्वरक का 40 प्रतिशत हिस्सा सहकारिता को समय से आवंटित किया जाए। यदि जनपद से बाहर की किसी रैक से उर्वरक आता है तो उसकी सूचना समय से प्रदायदाता कंपनी दे और उर्वरक वितरण उर्वरक समिति की स्वीकृति के बाद ही किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि नैनो यूरिया या अन्य उत्पादों की टैगिंग करने वाले दुकानदारों या संस्थाओं के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी विक्रेताओं और समितियों को निर्देश दिए गए कि वे पीओएस मशीन से उर्वरक बिक्री सुनिश्चित करें और स्टॉक रजिस्टर को समय-समय पर अपडेट रखें। साथ ही किसानों को उनकी जोत के अनुसार ही उर्वरक वितरित किया जाए।
इस बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव, इफको और कृभको के अधिकारी, जनपद के सभी सहकारी व गन्ना समिति सचिव, थोक विक्रेता तथा उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।











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