मेरठ। मेरठ के मशहूर चार्टर्ड अकाउंटेंट निखिल गुप्ता के आवास और दफ्तर पर आयकर विभाग की छापेमारी से शहर में हड़कंप मच गया है। दिल्ली चुंगी क्षेत्र स्थित उनके ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई की जानकारी बुधवार को तब सार्वजनिक हुई जब सीए संगठन ने छापेमारी के विरोध में स्वर उठाए।
बताया गया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय तरीके से की गई और आयकर अधिकारियों की टीम बीते 30 घंटे से ज्यादा वक्त तक जांच करती रही। इस दौरान टीम ने करीब 1.50 करोड़ रुपये की एफडी, बैंक लॉकरों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की।
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी पिछले तीन महीनों से चल रही जांच का हिस्सा थी। निखिल गुप्ता द्वारा बीते एक वर्ष में लगभग 2,000 आयकर रिटर्न दाखिल किए गए, जिनमें कई मामलों में फॉर्म 24 के तहत 70 प्रतिशत तक टैक्स रिफंड दिलवाने में अनियमितता के संकेत मिले। अधिकारियों को संदेह है कि इनमें कई ऐसे लोग शामिल थे जो रिफंड के लिए अधिकृत नहीं थे।
जांच के दौरान आयकर विभाग ने गुप्ता के साथ काम करने वाली ब्रह्मपुरी निवासी ज्योति उर्फ नैन्सी, उनके भाई कंपनी सेक्रेटरी प्रियम, और पत्नी सीए शशि से भी पूछताछ की। टीम ने गुप्ता के कार्यालय से कंप्यूटर डेटा, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज जब्त किए।
छापे में यह बरामदगी और जांच हुई:
- 1.50 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट्स की जांच
- बैंक लॉकरों की तलाशी
- वित्तीय दस्तावेज और कंप्यूटर डेटा जब्त
- पंचनामा भरने की प्रक्रिया पूरी
- परिवार के वित्तीय लेनदेन की जांच
सीए संगठन द्वारा इस कार्रवाई के विरोध में आने के बाद मामला अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी है, जिससे भविष्य में और खुलासे संभव हैं।











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