नई दिल्ली। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारक मरीज को सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट अस्पतालों में भी मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. इसमें सरकार की तरफ से कार्ड धारकों को ₹5 लाख तक की चिकित्सा एवं जांच की व्यवस्था मुफ्त में उपलब्ध होती है. लेकिन आयुष्मान नियमों में अब कुछ बदलाव किया गया है, जिसमें इस योजना के अंतर्गत कुछ बीमारियों का उपचार केवल और केवल सरकारी अस्पतालों में ही मुफ्त में हो सकेगा, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में इन बीमारियों का इलाज करने के लिए अब आयुष्मान कार्ड वैलिड नहीं होगा.
केवल सरकारी अस्पतालों में होगा इन बीमारियों का उपचार
स्वास्थ विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आयुष्मान योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों में तीन बीमारियों का इलाज और ऑपरेशन दोनों बंद किया गया है इसमें मस्तिष्क, डिलीवरी और बच्चेदानी का ऑपरेशन शामिल है. इस तरह के इलाज की सुविधा अब केवल सरकारी अस्पतालों में ही मुफ्त में उपलब्ध होगी. आयुष्मान योजना के अंतर्गत जिन लोगों का कार्ड बना हुआ है, उन्हें इस तरह के बीमारी के संबंध में सरकारी अस्पताल में ही इलाज करना होगा. आयुष्मान योजना गरीबों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 5 लाख रुपए तक के खर्च की बीमारी या ऑपरेशन का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में भी कर ले रहे हैं.
28 आयुष्मान अस्पताल हैं मौजूद
आयुष्मान योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 110 प्रतिशत लोगों के प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं और लोग इसका लाभ भी उठा रहे हैं आजमगढ़ में आयुष्मान योजना के अंतर्गत 28 निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नियमों में इस बदलाव के बाद इन बीमारियों में मरीजों को केवल सरकारी अस्पतालों का ही सहारा लेना पड़ेगा. आपको बता दें कि आयुष्मान कार्ड के अंतर्गत इस तरह के इलाज करने वाले मरीजों की संख्या काफी अधिक होती है. ऐसे में निजी अस्पतालों में यह सुविधा न मिलने से एक बार फिर मरीज को केवल सरकारी अस्पतालों में मौजूद सुविधाओं का ही सहारा मिलेगा.











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