नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब लगातार विधानसभा क्षेत्रों के नाम बदलने की बात हो रही है। पहले मुस्तफाबाद, पुरानी दिल्ली, नई दिल्ली और अब शकूरबस्ती का नाम बदलने की मांग जोर पकड़ रही है। शकूरबस्ती विधानसभा से भाजपा विधायक करनैल सिंह ने इस क्षेत्र का नाम बदलकर ‘जय श्रीरामपुरम’ करने की मांग उठाई है।
इसके लिए वे इलाके की आरडब्ल्यूए से समर्थन जुटा रहे हैं और कई आरडब्ल्यूए सदस्य इस नाम के समर्थन में लिखित पत्र भी दे रहे हैं। विधायक करनैल सिंह का कहना है कि ‘जय श्रीरामपुरम’ नाम रखने से इलाके की पहचान बनेगी। उनका मानना है कि नाम बदलने से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह नाम ‘क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है और स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है’।
विधानसभा को छोड़िए रेलवे स्टेशनों का नाम बदलने की मांग तेज पकड़ लिया है। कुछ दिन पूर्व दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम ‘महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन’ करने की मांग उठाई थी। वहीं, अब चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने का आग्रह किया है।
दिल्ली के डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिस्ट ने मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र का नाम बदलने की मांग की थी। हालांकि, इसपर अभी तक कोई फैसला नहीं हो सका है। उनका कहना था कि ये नाम किसी धार्मिक गुरु के नाम पर नहीं है, बल्कि एक प्रॉपर्टी डीलर के नाम पर रखा गया था। मोहन सिंह ने बताया था कि 2008 में राजनीतिक फायदे के लिए इस क्षेत्र का नाम मुस्तफाबाद रखा गया।
सबसे पहले मोदी सरकार के तहत 7 रेस कोर्स का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया, इसके लिए तर्क दिया गया था कि यह अंग्रेजों की पहचान है, लेकिन अब गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलना जरूरी है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ रख दिया था। फिर साल 2023 में राष्ट्रपति भवन में मौजूद मुगल गार्डेन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया गया था। चर्चित औरंगजेब रोड का नाम बदलकर अब्दुल कलाम रोड कर दिया गया।











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