मुज़फ़्फ़रनगर । उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा से पहले ढाबों और होटलों पर संचालकों की पहचान उजागर करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मुद्दे पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का बयान सामने आया है।
वायरल वीडियो में राकेश टिकैत कहते हुए सुने जा सकते हैं कि ढाबे या होटल पर संचालक का नाम लिखने की बात छोड़िए, वहां वेज या नॉनवेज का इंडिकेशन होना ज्यादा जरूरी है। राकेश टिकैत यह भी कहते हैं कि वे इस बारे में यूपी प्रशासन से बात करेंगे।
बता दें, यूपी में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर स्वामी यशवीर महाराज और उनके समर्थकों ने होटल-ढाबा संचालकों की पहचान का मुद्दा छेड़ा है। ये जगह-जगह जाकर संचालकों की पहचान पूछ रहे हैं।
इस दौरान मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 के किनारे पंडित जी वैष्णो ढाबा में 28 जून को हुई इस घटना ने विवाद को नया जन्म दिया है। पंडित जी वैष्णो ढाबा का मालिक सनव्वर निकला।
यही नहीं, यहां तजम्मुल नामक शख्स गोपाल नाम से काम कर रहा था। आधार कार्ड की जांच करने पर यह खुलासा हुआ। यह मामला पुलिस तक पहुंचा, क्योंकि इस सच्चाई को उजागर करने वाले हिंदू कर्मचारी को पीटा गया था।
राकेश टिकैत का कहना है कि होटल-ढ़ाबों पर हरे और लाल रंग के इंडिकेशन होना चाहिए। जिस होटल पर जैसी व्यवस्था, उसके अनुरूप इंडिकेशन रखा जाए। जिसका जिस नाम से कारोबार चल रहा है, वह चलाए।











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