संभल। पिछले साल 24 नवंबर को संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में एसआईटी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और जामा मस्जिद के सदर जफर अली समेत कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
संभल के एसपी कृष्ण बिश्नोई ने बताया, “24 नवंबर 2024 को संभल जिले में कोर्ट के आदेश पर सर्वे के दौरान बाधा डालने, हिंसा और आगजनी के संबंध में 12 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें से 7 मामले पुलिस और 5 मामले जनता की ओर से दर्ज किए गए थे। इन सभी मामलों में बुधवार को चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।”
उन्होंने कहा, “इनमें सबसे महत्वपूर्ण 335/24 के तहत हिंसा की साजिश के अभियोग में सांसद जियाउर्रहमान बर्क के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इसके अलावा, एक अन्य अभियुक्त सुहैल इकबाल की घटनास्थल पर मौजूदगी पाई गई थी, लेकिन उनसे कई घंटों की पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के संकलन के बाद उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। इसी जांच के दौरान उनकी नामजदगी गलत मिली।
साथ ही इस मामले में 23 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है।” एसपी कृष्ण बिश्नोई ने कहा, “पुलिस को जांच के दौरान साक्ष्य मिले कि जामा मस्जिद के सदर जफर अली और सांसद बर्क की देर रात तक बात हुई थी। उससे पूर्व में 22 नवंबर को उनके द्वारा भीड़ को भी इकट्ठा किया गया था। इस मामले में पुलिस ने चंदौसी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की कोशिश होगी कि जल्द ही इसमें ट्रायल कराया जाए।
इस हिंसा में अब तक 92 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। साथ ही कई आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।” ज्ञात हो कि संभल की शाही जामा मस्जिद का दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर को हुआ। इस दौरान हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने पुलिस पर पथराव-फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। भीड़ ने गाड़ियों को फूंक दिया था। इस मामले में कई उपद्रवियों को जेल भेजा जा चुका है।











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