मुजफ्फरनगर : इस बार ईद का जश्न शहर में एक खतरनाक रंग में रंगता नजर आया है। शहर की सड़कों पर दुपहिया वाहन चालकों ने हुड़दंगबाजी का ऐसा मंजर पेश किया कि यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। मीनाक्षी चौक, शिव चौक और अहिल्याबाई चौक जैसे व्यस्त चौराहों पर ये नजारा सोमवार को आम हो गया। खालापार समेत कई मुस्लिम बहुल इलाकों में भी स्कूटी-बाइकों पर सवार युवाओं का उत्पात देखने को मिला।
स्टंटबाजी और जानलेवा लापरवाही ईद के इस मौके पर दुपहिया वाहनों पर सवार युवा, खासकर किशोर अपनी और दूसरों की जान को जोखिम में डालते दिखे। एक बाइक पर तीन से लेकर पांच-छह सवार तक नजर आए, जो तेज रफ्तार में सड़कों पर स्टंटबाजी कर रहे थे। इनमें से अधिकतर किशोर बिना हेलमेट और बिना किसी डर के खतरनाक करतब दिखाते देखे गए।
कैमरों में कैद हुए कई वीडियो इस लापरवाही की गवाही दे रहे हैं, जिनमें बाइकों को तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगाना और भीड़भाड़ वाली सड़कों पर खतरनाक ढंग से वाहन मोड़ना शामिल है। ये सब देखकर साफ है कि ये नौनिहाल न केवल अपनी जिंदगी से खेल रहे हैं, बल्कि राहगीरों और अन्य वाहन चालकों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं।
त्योहार की आड़ में बेकाबू स्थिति ईद का त्योहार खुशियां बांटने और आपसी सौहार्द का मौका होता है, लेकिन मुजफ्फरनगर में ये जश्न बेकाबू हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल ईद के दौरान सड़कों पर ऐसा माहौल बन जाता है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा चिंताजनक हैं। खालापार और अन्य इलाकों से सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि ये हुड़दंग किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में फैल गया है।
सवाल ये उठता है कि क्या त्योहार की आड़ में ऐसी लापरवाही को अनदेखा किया जाना चाहिए? सड़क पर स्टंटबाजी और नियमों की अनदेखी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह किसी बड़े हादसे को भी न्योता दे सकती है।
प्रशासन की चुप्पी और जिम्मेदारी इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी और ढील सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। ईद के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन सड़कों पर ये हाल बताता है कि निगरानी में कमी दिखी। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हुड़दंगबाज बेखौफ होकर सड़कों पर उत्पात मचाया।
लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने केवल औपचारिकता निभाई और कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। ऐसे में जरूरत है कि इस तरह के हालात पर काबू पाने के लिए ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।











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