सहारनपुर जनपद के बड़गांव में ईद के त्योहार की शाम गांव सिरसली खुर्द स्थित तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई है। ईद के त्योहार की खुशियां गम में बदल गई। देर रात परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही दोनों मासूमों को सुपुर्देखाक कर दिया।
जानकारी के अनुसार तहसील रामपुर मनिहारन के बड़गांव थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव सिरसली खुर्द में रविवार शाम करीब छह बजे दर्दनाक हादसा हुआ, जहां दो मासूम तालाब किनारे खेलने गये हुए थे। इसी दौरान उनका पैर फिसलने के कारण तालाब में डूबने से मौत हो गई है।
बताया गया है कि जब दोनों बच्चें काफी देर तक घर नहीं पहुंचे और किसी को नजर नहीं आए तो लोगों ने उनकी खोजबीन की, तब लोगों को मस्जिद के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज देखने से पता चला कि दोनों बच्चे गहरे तालाब की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। फिर दोनों की तलाश में ग्रामीणों की भीड़ तालाब किनारे पहुंची कुछ समय बाद दोनों के शव तालाब के गहरे पानी से बरामद हुए।
घटना के अनुसार बताया गया है कि थाना देवबंद के गांव खुड्डा से ढाई वर्षीय बेटी सुमैय्या अपनी मां रूखसाना के साथ ननिहाल में गांव सिरसली खुर्द आई हुई थी। साथ में सिरसली खुर्द निवासी मामा समरोज का तीन वर्षीय बेटा अज्जेफा भी खेलने गया हुआ था। सीओ देवबंद रविकांत पारासर ने बताया कि दोनों बच्चें चांद रात की शाम तालाब किनारे खेल रहे थे। इसी दौरान संभवत: वह गहरे पानी में फिसल गए होंगे, जिसके कारण उनकी गहरे तालाब में डूबने से मौत हो गई है।
सूचना मिलने के बाद नायब तहसीलदार संजीव कुमार व बड़गांव पुलिस के साथ सिरसली खुर्द तालाब किनारे पहुंचे और गहरे पानी में डूबे दोनों बच्चों के शवों को किसी तरह बाहर निकालकर अग्रिम कार्रवाई लिए भेजने की तैयारियां की जा रही थी कि परिजनों ने किसी भी कानूनी कार्रवाई से मना करते हुए दोनों बच्चों के शव सुपुर्दगी में लेकर अंतिम संस्कार करने की गुहार लगाई, जिसके बाद देर रात करीब ग्यारह बजे दोनों बच्चों के शवों को सुपुर्देखाक किया गया। ईद पर हुई दर्दनाक घटना से पूरे गांव में त्योहार की खुशियां फीकी नजर आई तथा मृतक परिवार में पूरी तरह गमगीन माहौल देखने को मिला।
सिरसली खुर्द निवासी ग्राम प्रधान मौहम्मद हुसैन ने बताया कि रोजे के दौरान पन्द्रह दिन पूर्व रूखसाना अपनी ससुराल देवबंद के गांव खुड्डा से इकलौती बेटी सुमैय्या को लेकर अपने मायके सिरसरली खुर्द आई थी।
रविवार शाम हुए हादसे ने रूखसाना की इकलौती बेटी को छीन लिया जो बहुत ही गमगीन है। पूरे सिरसली खुर्द गांव में ईद के त्योहार की सारी खुशिया घटना के बाद मातम में बदल गई है। सिरसली खुर्द निवासी अज्जेफा अपनी पिता समरोज के यहां संतान के रूप में तीसरे के नम्बर का बेटा था।











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