मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के गगोल गांव में गुरुवार शाम मामूली कहासुनी के बाद दो नाबालिग भाइयों ने साइकिल ठीक कराने गए नौवीं कक्षा के छात्र चिराग (14) की पीट-पीटकर हत्या कर दी। दोनों आरोपी फरार हो गए।पीड़ित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर हंगामा किया। पुलिस ने आरोपियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन देकर परिजनों को शांत किया। आरोपियों के घर दबिश दी तो वहां ताला लगा मिला।
गगोल गांव निवासी जयभगवान परतापुर की एक फैक्टरी में काम करता है। जय भगवान का इकलौता बेटा चिराग गूमी गांव स्थित बीएसएम पब्लिक स्कूल में कक्षा-9 का छात्र था। बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे चिराग गगोल गांव के बाहरी छोर स्थित जहीर की दुकान पर साइकिल ठीक कराने पहुंचा था। इसी दौरान गांव के ही 16 व 14 वर्षीय भाइयों से कहासुनी के बाद उसका विवाद हो गया। दोनों भाई मिलकर चिराग को लात-घूंसों से बुरी तरह पीटने लगे।
बड़े भाई ने चिराग के सीने में तेज मुक्का मार दिया। इससे चिराग अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा। चिराग को जमीन पर गिरा देखकर दोनों भाई भाग निकले। जानकारी मिलने पर परिजन पहुंचे और चिराग को चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने शव सड़क पर रखकर हंगामा कर दिया।
घटना की जानकारी पर एएसपी अंतरिक्ष जैन परतापुर, टीपीनगर और ब्रह्मपुरी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के सामने परिजनों ने आरोपियों को पकड़ने की मांग करते हुए हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
घटना के बाद पुलिस आरोपियों के घर पहुंची लेकिन ताला लगा मिला। चिराग की हत्या के बाद पिता जयभगवान, मां बंटी देवी और छोटी बहन खुशी बिखलने लगे। पिता जयभगवान ने दोनों आरोपियों और उनके माता-पिता के खिलाफ तहरीर दी। एएसपी अंतरिक्ष जैन ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
चिराग की हत्या का आरोपी बड़ा भाई आपराधिक प्रवृत्ति का है। ग्रामीणों के अनुसार वह पहले भी गांव के कई युवकों के साथ मारपीट कर चुका है। पुलिस से शिकायत के बाद आरोपी के परिजन पीड़ितों से माफी मांगकर उसे बचा लेते थे। उन्होंने बताया कि चिराग के साथ हो रही मारपीट के दौरान आरोपियों का पिता मौके पर ही खड़ा था, लेकिन अपने बेटों को उसने नहीं रोका। यदि वह अपने बेटों को लड़ाई करने से रोक लेता तो चिराग की जान बच सकती थी।











Discussion about this post