मुज़फ्फरनगर। महिला जिला अस्पताल में रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। इसी सिलसिले में मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने जिला पुरुष अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान CMO ने वार्ड-वार्ड जाकर मरीजों और तीमारदारों से सीधे संवाद किया। उन्होंने पूछा कि कहीं इलाज के नाम पर किसी ने पैसे तो नहीं मांगे। कुछ मरीजों ने सेवाओं को संतोषजनक बताया, वहीं एक मरीज ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मरीज ने बताया कि वह पिछले 10 दिनों से भर्ती है, लेकिन इलाज में अनदेखी हो रही है। इस पर डॉ. तेवतिया ने मौके पर मौजूद डॉक्टर को फटकार लगाते हुए तत्काल उचित उपचार देने के निर्देश दिए।
एक अन्य युवक ने शिकायत की कि तीन साल पहले उससे इलाज के नाम पर पैसे लिए गए थे। CMO ने उससे नाम और पहचान पूछी, लेकिन वह कोई ठोस जानकारी नहीं दे सका।
निरीक्षण के दौरान CMO ने कर्मचारियों की यूनिफॉर्म और आई-कार्ड की अनिवार्यता पर सख्ती बरती। जो कर्मचारी बिना यूनिफॉर्म या पहचान-पत्र के मिले, उन्हें सख्त चेतावनी दी गई। एक नर्स को ड्यूटी में लापरवाही पर फटकार भी लगाई गई।
डॉ. तेवतिया ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा, “किसी भी मरीज से इलाज के नाम पर वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत मांगता है या लापरवाही करता है, तो तत्काल शिकायत करें – कार्रवाई तुरंत होगी।”
महिला अस्पताल में वायरल वीडियो के बाद जनता में जो अविश्वास का माहौल बना, उस पर विराम लगाने के लिए यह निरीक्षण एक सशक्त संदेश है कि स्वास्थ्य विभाग अब लापरवाही और भ्रष्टाचार पर सख्त रवैया अपना रहा है।
डॉ. तेवतिया का यह निरीक्षण न केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई थी, बल्कि जनविश्वास बहाली की पहल भी।










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