नई दिल्ली। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने विपक्षी गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी पर निशाना साधा था। बता दें कि, उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वालों चुनाव से पहले अमित शाह ने सुदर्शन रेड्डी पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस रेड्डी ने नक्सलवाद की मदद की है। यदि उन्होंने सलवा जुडूम के खिलाफ फैसला नहीं सुनाया होता तो देश में चरमपंथी वामपंथी आंदोलन 2020 से पहले ही समाप्त हो गया होता।
अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, “उन्हें एक बार आदेश को पढ़ना चाहिए। सुदर्शन रेड्डी के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित होने के बाद भाजपा बौखलाई हुई है। सलवा जुडूम के मामले में स्पष्ट है कि सलवा जुडूम एक जन आंदोलन था और भाजपा सरकार ने वहां के युवाओं को बिना प्रशिक्षण के एके-47 जैसे हथियार थमा दिए थे। न्यायालय ने इसे अनुचित माना है।
बता दें कि, अमित शाह ने विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाया था। अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि, बी सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी से केरल में कांग्रेस की उम्मीदवारी से बची-खुची उम्मीद भी खत्म हो गई है। अमित शाह ने कहा था कि, सुदर्शन रेड्डी वहीं सज्जन है जिन्होंने नक्सलवाद की मदद के लिए सलवा जुडुम का निर्णय दिया था। अगर यह निर्णय नहीं होता तो नक्सलवाद 2020 तक खत्म हो जाता है। शाह ने कहा कि बी सुदर्शन रेड्डी ने ऐसा विचारधारा से प्रेरित होकर किया था। उन्होंने कहा कि केरल ने नक्सलवाद का दंश झेला है। अमित शाह ने कहा कि, केरल की जनता निश्चित रूप से देखेगी कि कांग्रेस पार्टी, वामपंथी दलों के दबाव में, एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतार रही है, जिसने नक्सलवाद का समर्थन किया और सुप्रीम कोर्ट जैसे पवित्र मंच का इस्तेमाल किया।











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