मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर पुलिस ने कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र धार्मिक आयोजन के दौरान जिले में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान की हिंसक घटना के वीडियो को मुरादाबाद की घटना बताकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस वीडियो में महिलाओं और बच्चों की लाशें दिखाई गई थीं और साथ ही एक भ्रामक ऑडियो क्लिप जोड़कर दावा किया गया कि यह घटना बजरंग दल द्वारा की गई हिंसा की है।
पुलिस का कहना है कि वीडियो का उद्देश्य जनता में भ्रम फैलाकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करना था। वायरल वीडियो के साथ लोगों से “ज्यादा से ज्यादा शेयर” करने की अपील भी की गई थी।
चार चरणों में हुई गिरफ्तारी:
- पहली गिरफ्तारी (21 जुलाई 2025):
- नदीम, मनशेर, रहीस (निवासी ककरौली)
दूसरी गिरफ्तारी (23 जुलाई 2025):
- नईमुद्दीन, फईममुद्दीन (लद्दावाला)
- जमीरूद्दीन (मंसूरपुर)
- शालिक (मिमलाना रोड)
तीसरी गिरफ्तारी (25 जुलाई 2025):
- नवाब राणा (तितावी)
- अयूब (मेरठ)
- सलीम (बड़ौत)
चौथी गिरफ्तारी (26 जुलाई 2025):
- जावेद पुत्र सजील (मेरठ)
- जावेद पुत्र जाहिद (रतनपुरी)
- हसमत (बुढ़ाना)
इन सभी आरोपियों को सम्भलहेड़ा रोड से गिरफ्तार किया गया और उनके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए, जिनमें यह आपत्तिजनक वीडियो मौजूद था।
इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी भोपा और थाना ककरौली पुलिस की भी इसमें विशेष भूमिका रही। पूरी कार्रवाई ADG मेरठ जोन और DIG सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में सम्पन्न हुई।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या मैसेज को बिना पुष्टि के न शेयर करें। अगर कोई आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री दिखाई दे तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
मुजफ्फरनगर पुलिस की इस त्वरित और निर्णायक कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में भाईचारे और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।










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