मेरठ। मेरठ में सोमवार को कॉपर कारोबारी इमरान अली की गोली लगी लाश मिली थी। कारोबारी के गोली मारकर और चाकू से गोदकर उसकी हत्या की गई थी। कारोबारी 3 अप्रैल से लापता था। पुलिस ने सोमवार रात ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया। मामले में 2 हत्यारोपी पुलिस ने जावेद और रोहित को अरेस्ट कर जेल भेज दिया।
जावेद की लास्ट कॉल से हुई पहचान एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि इमरान अली (49) पुत्र जमशेद अली भूड़बराल के रहने वाले थे। भूड़बराल में ही इमरान की कॉपर वायर फैक्ट्री थी। 3 अप्रैल की शाम इमरान फैक्ट्री से स्कूटी पर घर लौटने के लिए निकले लेकिन घर नहीं लौटे। घरवालों ने तलाश की लेकिन इमरान नहीं मिले तो घरवालों ने परतापुर थाने में मिसिंग कंप्लेन कराई थी। इसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी।
3 अप्रैल की शाम से गायब था इमरान सोमवार सुबह महरौली मार्ग पर रजवाहे के पास एक आदमी की लाश मिली। राहगीरों ने लाश की जानकारी पुलिस को दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाश को बरामद किया था। शिनाख्त में पता चला वो लाश इमरान अली की थी। जिसे उनके घरवालों ने पहचाना भी था।
रुपये मांगने पर हो गया था झगड़ा जावेद ने पूछताछ में बताया कि 3 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे उसने इमरान को कॉल कर दुकान पर मिलने बुलाया। इमरान के मोबाइल में पुलिस को लास्ट कॉल जावेद की ही मिली थी। इसी के आधार पर पुलिस जावेद तक पहुंची थी उसे अरेस्ट किया। जावेद ने बताया कि इमरान जब दुकान पर आया तो मैं और रोहित दोनों दुकान पर थे। इमरान ने दुकान पर आते ही मुझसे अपने 5 लाख रुपए उधारी वाले मांगने शुरू कर दिए। मैंने कहा अभी पैसे नहीं है बाद में दूंगा।
जावेद ने मारा लोहे का एंगल इसी बात पर जावेद, इमरान में कहासुनी होने लगी। गुस्से में जावेद ने पास में पड़ा लोहे का एंगल इमरान के सिर में पीछे से मार दिया। वो बेहोश हो गया। इसके बाद मैंने, रोहित ने मिलकर इमरान की स्कूटी अपनी दुकान में अंदर खड़ी कर दी और दुकान बंद करके इमरान को अपनी गाड़ी की पीछे की सीट में डालकर ले गए।
महरौली बंबे के पास फेंकी लाश रास्ते में इमरान को होश आने लगा तो हम उसे रोहटा रोड पर आगे सुनसान जगह पर ले गए। रोहित ने गाड़ी में इमरान के हाथ पकड़े और उसे गोली मार दी। फिर हमने लाश को ठिकाने लगाने के लिए महरौली के पास बंबे में फेंक दिया। बाद में कार से दुकान लौटे। यहा इमरान की स्कूटी की आगे, पीछे की दोनों नंबर प्लेटें निकालकर तोड़कर फेंक दी। फिर मैं अपनी अपाचे बाइक और रोहित इमरान की स्कूटी चलाकर ले गए।
बाइक को भी लगाया ठिकाने जावेद और रोहित के पास घटना में इस्तेमाल किया गया तमंचा, कारतूस, कार, लोहे का एंगल बरामद हुआ है। जावेद परतापुर फ्लाईओवर के पास वेल्डिंग की दुकान चलाता है। वो इमरान के लिए डाई बनाता है। वहीं जानी का रहने वाला रोहित भी जावेद की दुकान के पास ही युसूफ जो भूड़बराल का रहने वाला है उसकी खराद की दुकान पर डाई बनाने का काम पिछले 10 सालों से करता आ रहा है। दिल्ली-मेरठ रोड पर सीएनजी पंप के सामने नाले के किनारे स्कूटी को झाड़ियों में फेंक दिया। दोनों करते रहे इमरान को खोजने का नाटक एसपी सिटी ने बताया कि इसके बाद जावेद और रोहित वापस दुकान पर आए। रोहित अपनी मोटर साईकिल लेकर अपने घर चला गया। जावेद घर जाकर इमरान के परिवार के लोगों के साथ मिलकर ढूंढने का नाटक करने लगा। बाद में इमरान की लाश महरौली के बंबे से बरामद हुई











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