दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या सौ के पार हो गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक अब तक 104 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। वहीं नोएडा में चार और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। जिसके बाद नोएडा में कोरोना मरीजों की संख्या पांच हो गई है। वहीं दिल्ली सरकार की तरफ से सभी अस्पतालों को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। हाल ही में दिल्ली में एक ही दिन में 23 मामले सामने आए थे।
दिल्ली समेत देश में कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। बीते एक हफ्ते में देश में कोरोना के 752 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 305 लोगों ने कोरोना संक्रमण को मात दी। चिंता की बात यह है कि बीते सात दिनों में कोरोना से जान गंवाने वालों का आंकड़ा सात दर्ज किया गया है। मरने वालों महाराष्ट्र के चार, केरल के दो और कर्नाटक का एक शख्स शामिल है। नए मामलों की बात करें तो बीते एक हफ्ते में (19 मई के बाद) सबसे ज्यादा 335 मामले केरल, 153 महाराष्ट्र, 99 दिल्ली, 76 गुजरात और 34 कर्नाटक में आए हैं।
कुल केसों की बात करें तो केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा 403 मामले दर्ज किए गए हैं। मुंबई में 209 और दिल्ली में अब तक 104 मामले दर्ज किए गए हैं। इन शहरों के बाद गुजरात का नंबर आता है, जहां 83 मामले दर्ज किए गए हैं। कर्नाटक में 47, उत्तर प्रदेश में 15 और पश्चिम बंगाल में 12 मामले दर्ज किए गए हैं। केंद्र सरकार की एजेंसी इंडियन SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (Insacog) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नए कोरोना संक्रमणों में वृद्धि के बीच दो नए वेरिएंट के मामले सामने आए हैं।
सभी अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर सहित दूसरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसमें अस्पताल परिसर में मास्क पहनने का परामर्श दिया गया है। स्वास्थ्यकर्मियों को दोबारा से करें प्रशिक्षित : एडवाइजरी के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों को दोबारा से कोविड-19 से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, अन्य दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता को सुनिश्चित करें। अस्पताल में वेंटिलेटर, बाई-पैप, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पीएसए आदि सभी उपकरण कार्यात्मक स्थिति में हो।
अस्पतालों को सभी स्वास्थ्य सुविधाओं (ओपीडी/आईपीडी) में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों को रोजाना आधार पर रिपोर्ट करना होगा। एकीकृत स्वास्थ्य सूचना प्लेटफॉर्म पोर्टल पर अपडेट करेंगे। इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 मामलों को भी अस्पताल एल फॉर्म के तहत आईएचआईपी पर रिपोर्ट करेंगे। दिल्ली राज्य स्वास्थ्य डेटा प्रबंधन पोर्टल पर रोजाना ब्योरा देना होगा।
एडवाइजरी के मुताबिक कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार पर्याप्त जांच करनी होगी। कम से कम पांच फीसदी आईएलआई (इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी) के मामलों और सौ फीसदी जांच एसएआरआई (तीव्र श्वसन संक्रमण) के मामलों में जांच करनी होगी। लोकनायक अस्पताल में सभी पॉजिटिव कोविड-19 के सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा जिससे नए वेरिएंट के बारे में पता लगाया जा सकें।
कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली के अस्पतालों ने तैयारियां शुरू कर दी है। दिल्ली सरकार के सबसे बड़े लोकनायक अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों के लिए 25 आईसीयू बेड आरक्षित करने की तैयारी है। अस्पतालों में अगले हफ्ते से स्वास्थ्यकर्मियों का दोबारा से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अस्पतालों की ओर से मरीजों की जांच के लिए कोरोना जांच किट से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पीपीई किट की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा रहा है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 को लेकर स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स समेत अन्य दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता, वेंटिलेटर, बाई-पैप, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पीएसए आदि सभी उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रोहिणी स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भी कोविड को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। दिल्ली में बीते वर्षों में कोविड की लहर आई थी तो जीटीबी, लोकनायक, जीबी पंत सहित दूसरे अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्लांट स्थापित किए गए थे। दिल्ली में बृहस्पतिवार तक कोविड-19 के 23 मामलों की पुष्टि हुई थी। यह जांच निजी लैब में हुई थी।











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