शामली। सावन माह में डाक कांवड़ियों की लगातार बढ़ती भीड़ ने मंगलवार को शामली शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया।जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान व एसपी रामसेवक गौतम के नेतृत्व में कांवड़ मार्ग का निरीक्षण तो किया गया, परंतु देर रात्रि आई भारी भीड़ के सामने पुलिस-प्रशासन की तैयारियां कमजोर साबित हुईं। कलेक्ट्रेट चौराहा, शिव चौक और अन्य प्रमुख स्थानों पर चार घंटे तक भीषण जाम लगा रहा, जिसमें आम नागरिकों और कांवड़ियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यातायात, सफाई, पेयजल, चिकित्सा शिविर, कंट्रोल रूम, रूट डायवर्जन व सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। परंतु रात में डाक कांवड़ियों की अचानक उमड़ी भीड़ ने शहर के केंद्र में स्थित चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को फेल कर दिया। पुलिसकर्मियों द्वारा दोनों ओर से कांवड़ वाहनों को प्रवेश देने से मार्ग अवरुद्ध हो गया।
भीषण जाम की स्थिति तब बनी जब डाक कांवड़ वाहन धीमानपुरा होते हुए शिव चौक की ओर बढ़े। पहले से निर्धारित वन-वे योजना को दरकिनार कर पुलिस फोर्स की निष्क्रियता ने हालात और बिगाड़ दिए। बाद में उच्च अधिकारियों की हिदायत के बाद ही पुलिस सक्रिय हुई और स्थिति को नियंत्रित किया गया। रात्रि को शिव चौक, विजय चौक, कुडाना रोड, एसटी तिराहा सहित कई क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। महिलाएं डिवाइडरों पर बैठकर झांकियां देखती रहीं। बाइक सवार शिवभक्तों की आवाजें देर रात तक शहर में गूंजती रहीं।
जिले के प्रवेश मार्गों पर प्रशासन ने ई-रिक्शा व छोटे वाहनों को रोक दिया। टिटौली, मुंडेट, खेडीकरमू, सिक्का आदि मार्गों से ई-रिक्शा संचालन पूरी तरह बंद रखा गया। शहर में कई स्थानों पर बैरिकेटिंग कर रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए गए, जिससे आमजन को भी परेशानी उठानी पड़ी। एडीएम सत्येन्द्र सिंह, एएसपी संतोष कुमार सिंह, एसडीएम सदर विनय भदौरिया, डिप्टी कलेक्टर हामिद हुसैन, सीओ सिटी अमरदीप मौर्य सहित अन्य अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहे। हरिद्वार से निकले कांवड़ वाहन देर रात तक शहर से गुजरते रहे, जिनमें हरियाणा व राजस्थान के हजारों श्रद्धालु शामिल रहे।
गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर बढ़ते डाक कांवड़िये झूमते-गाते नजर आए। सड़क पर डीजे लगे वाहनों के साथ नाचते शिवभक्तों की रफ्तार से शहर की सड़कें कांवड़मय हो गईं। शहर के मध्य भाग को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया गया था और आम वाहनों के लिए वनवे रास्ता लागू किया गया था। हालांकि, इस बार पुलिस की व्यवस्थाएं कई मोर्चों पर विफल साबित हुईं। जाम और अव्यवस्था ने श्रद्धालुओं की आस्था में खलल डाला और शहरवासियों को भी त्राहि-त्राहि कर दी। बावजूद इसके, शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरी रात जय भोले के जयघोष गूंजते रहे।











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