आगरा। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सीआरपीएफ कैंप से अचानक लापता हुए हेड कांस्टेबल अभिषेक शर्मा को उनके परिवार ने दिल्ली में उदास हालत में पाया। उनके कपड़े अस्त-व्यस्त थे और उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। परिजन उन्हें 2 जून को शाहगंज स्थित घर ले आए। अब उनका इलाज चल रहा है।
अभिषेक शर्मा का परिवार मुरली विहार, शाहगंज में रहता है। उनकी मां कमलेश शर्मा ने बताया कि 25 मई को आखिरी बार बात हुई थी। परिजन उन्हें खोजने उधमपुर कैंप भी गए थे। दोस्तों से भी जानकारी नहीं मिल पाई। 30 मई को एक दोस्त का फोन आया। उसने 27 मई को अभिषेक का फोन आने की जानकारी दी। इसके बाद परिजन शाहगंज थाने गए, वहीं पुलिस ने उस मोबाइल नंबर की डिटेल निकाली।
नंबर मयूर विहार के एक ठेले वाले व्यक्ति का निकला। दूसरे ही दिन परिजन दिल्ली पहुंच गए। ठेले वाले ने बताया कि एक राहगीर ने उनके मोबाइल से बात की थी। वह बेहाल था। इसके बाद परिजन ने दिल्ली पुलिस की मदद से आसपास के सीसीटीवी चेक कराए। कई जगह अभिषेक सड़कों पर घूमते नजर आए। दूसरे दिन मुखर्जी नगर के पास बीमारी की हालत में मिले। परिजनों का कहना है कि वह यह नहीं बता पा रह हैं कि दिल्ली तक कैसे पहुंच गए। वह गहरे अवसाद में है। स्वस्थ होने के बाद ही कुछ जानकारी मिल सकेगी।
उधमपुर सीआरपीएफ की 137वीं बटालियन में अभिषेक तैनात थे। 26 मई की सुबह कैंप से जल्दी लौटने की कहकर निकले थे। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। उसकी आखिरी लोकेशन वहां के स्थानीय बाजार एमएच चाैक पर मिली थी। कैंप के अधिकारियों ने परिजन को फोन कर सूचना दी और थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद आसपास तलाश की।











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