भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच भारत में सरकारी वेबसाइटों पर साइबर हमले बढ़ गए हैं। महाराष्ट्र सरकार के साइबर अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सीमा पार से हैकर्स भारत सरकार की वेबसाइटों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इन साइबर हमलों का उद्देश्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों को बाधित करना और गलत सूचना फैलाना है।
साइबर हमलों पर नजर रखने वाली एजेंसी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद ये हमले बढ़े हैं। जिसके बाद कई अहम बुनियादी ढांचे और सरकारी वेबसाइट्स पर साइबर हमले हुए हैं। साइबर अधिकारियों ने बताया कि डिस्ट्रिब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस (DDoS) और डिजिटल डिफेसमेंट अभियान जैसे हमलों का उद्देश्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को बाधित करना और सरकारी प्लेटफार्मों की विश्वसनीयता को कम करना है। अधिकारियों ने बताया कि संस्थागत डिजिटल संपत्तियों को सीधे निशाना बनाने के अलावा हैकर, मैलवेयर से संक्रमित फाइलें प्रसारित कर रहे हैं।
एजेंसी ने कहा कि वह इस तरह के घटनाक्रमों की निगरानी कर रही है और उभरते साइबर खतरों की पहचान कर रही है और संभावित जोखिमों को कम करने के लिए सार्वजनिक सलाह जारी कर रही है। विभाग ने लक्षित संस्थानों और विभागों को औपचारिक रूप से सतर्क कर दिया है, ताकि समय पर बचाव किया जा सके। एजेंसी ने नागरिकों को डिजिटल सामग्री से निपटने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। महाराष्ट्र साइबर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान, मध्य पूर्वी देशों और मोरक्को के हैकिंग समूहों द्वारा भारत पर 10 लाख से अधिक साइबर हमले किए गए थे।











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