बागपत। निबाली गांव के प्रधान तथा पंचायत सचिव की तकरार तूल पकड़ गई। पंचायत सचिवों ने बागपत ब्लॉक पर प्रदर्शन कर धरना देकर प्रधान पर कार्रवाई की मांग की। पंचायत सचिवों की हड़ताल से 44 ग्राम पंचायतों में काम ठप हो गया है। वहीं प्रधानों ने ब्लॉक पर प्रदर्शन कर पंचायत सचिव के आरोप गलत बताए और पंचायत सचिव का तबादला कराने की मांग की है।
पंचायत सचिवों ने शुक्रवार को कार्य बहिष्कार कर बागपत ब्लाक पर धरना दिया। पंचायत सचिव संदीप कुमार का आरोप है कि निबाली गांव के प्रधान योगेंद्र धामा ने सात अप्रैल को फर्जी भुगतान करने से इन्कार करने पर उनसे अभद्रता की है। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी दी।
प्रधान पर कार्रवाई नहीं की गई तो मंगलवार से जिलेभर के पंचायत सचिव धरना देंगे। एसपी को शिकायती पत्र देकर प्रधान पर कार्रवाई की मांग की। कृष्ण कुमार तोमर, सुनील बंसल, संजय खोखकर व अंजलि, नीता, सोरेन, सूरज, संदीप कुमार मौजूद रहे।
उधर, ब्राह्मणपुट्ठी के प्रधान राजीव के नेतृत्व में प्रधानों ने ब्लॉक पर प्रदर्शन कर बीडीओ से पंचायत सचिव संदीप कुमार का जिले से बाहर तबादला करने की मांग की। प्रधानों ने कहा कि पंचायत सचिव छह लाख रुपये के फर्जी भुगतान का दबाव बनाने समेत सभी आरोप आरोप झूठे हैं।
बीडीओ केके पांडेय ने मामला सुलझाने का प्रयास कर प्रधानों तथा सचिवों में वार्ता कराने का प्रयास किया मगर पंचायत सचिवों ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया। प्रधानों ने भी मंगलवार से ब्लाॅक पर धरना देने की चेतावनी दी। इंद्रपाल, नरेश, मनोज, सचिन शर्मा, पिकेंश त्यागी, दिनेश, यामीन भीम आदि प्रधान मौजूद रहे।











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