मेरठ। नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सपा पार्षदों और निगम कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ गया है। पार्षदों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निगम कर्मचारियों ने सोमवार को तालाबंदी का ऐलान किया है, वहीं सपा पार्षद और उनके कार्यकर्ता निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और बच्चा पार्क चौराहे पर धरने पर बैठे हैं।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में नगर निगम की बोर्ड बैठक के दौरान भाजपा पार्षद उत्तम सैनी ने नगर आयुक्त और ठेकेदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने अपने आरोपों को पुष्ट करते हुए बंदर-शेर की कहानी सुनाई, जिससे माहौल गरमाहट का शिकार हो गया। विवाद बढ़ने पर नगर आयुक्त बैठक छोड़कर चले गए और महापौर हरिकांत अहलूवालिया को कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी।
इस घटना के बाद नगर निगम कर्मचारी संघ, सफाई कर्मचारी संघ और जलकल की संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार सुबह से निगम मुख्यालय की तालाबंदी की घोषणा कर दी। अफसरों ने संभावित टकराव को देखते हुए निगम परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।
इसी बीच बच्चा पार्क पर सपा पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए निगम पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पारदर्शी और ईमानदार कामकाज नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।











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