मुज़फ्फरनगर। आगामी शादियों के सीजन से पहले ड्रोन कैमरा संचालकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। मुजफ्फरनगर फोटोग्राफर वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले ड्रोन संचालकों की एक आपात बैठक गांधी वाटिका स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में हुई। बैठक में प्रशासन द्वारा ड्रोन संचालन पर की जा रही कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया गया और आगामी महीनों में ड्रोन उड़ाने की अनुमति मांगी गई।
बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के कई जिलों, जिनमें मुज़फ्फरनगर भी शामिल है, में “ड्रोन वाले चोर” की अफवाहें तेजी से फैली थीं। इसके बाद प्रशासन ने ड्रोन उड़ाने के लिए विशेष अनुमति की अनिवार्यता लागू कर दी थी। इसके चलते फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों को पेशे में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फोटोग्राफर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण मोगा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि “अक्टूबर-नवंबर में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है और प्रशासनिक पाबंदियों के चलते ड्रोन ऑपरेटरों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। अगर कोई ऑपरेटर ड्रोन का दुरुपयोग करता है तो हम संगठन स्तर पर कार्रवाई करेंगे, लेकिन पुलिस द्वारा सभी ड्रोन ऑपरेटरों को परेशान करना निंदनीय है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन इस मामले को लेकर जल्द ही प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट करेगा।
ड्रोन जिला प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि लगातार पुलिस ड्रोन ऑपरेटरों को बेवजह रोक रही है, जिससे आने वाले सीजन में उनका काम प्रभावित हो सकता है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि ड्रोन ऑपरेटरों की सूची संगठन से लेकर उनके पहचान पत्र जारी किए जाएं, ताकि उन्हें वैधता मिल सके और पुलिस द्वारा अनावश्यक कार्रवाई न की जाए।










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