शामली। उत्तर प्रदेश के शामली में ई-रिक्शा चालकों और डीलरों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि आरटीओ कार्यालय और प्रशिक्षण केंद्र में कार्यरत कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर चालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं।
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि नई ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन के दौरान आवश्यक ओटीपी प्राप्त करने के नाम पर आरटीओ में निजी कर्मचारी नितिन राठी प्रति चालक से ₹200 वसूलते हैं। इसके अलावा बनत कस्बे स्थित ट्रेनिंग सेंटर संचालक चालकों से ₹1,700 प्रति व्यक्ति वसूलकर प्रशिक्षण सर्टिफिकेट देते हैं, जबकि राज्य सरकार ने इन्हें मुफ़्त प्रशिक्षण सुनिश्चित किया है।
डीलर दिनेेश कुमार त्यागी ने बताया कि कई चालकों ने कर्ज लेकर EMI पर ई-रिक्शा खरीदे हैं, लेकिन डीएल और अन्य कागजात समय पर न मिलने के कारण उन्हें वाहन चलाने में दिक्कत हो रही है। इससे उनका मौजूदा कार्य और आमदनी प्रभावित हो रही है। इन वसूली व देरी की वजह से कई चालकों की EMI चुकाने में समस्या हो रही है और वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
ई-रिक्शा चालकों ने जिलाधिकारी से निवेदन किया कि अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें जल्दी से डीएल और रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिल सके और उनकी आमदनी प्रभावित न हो। जिलाधिकारी ने चालकों को आश्वासन दिया है कि शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।











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