मुज़फ़्फरनगर। त्योहारों के सीज़न में मिलावटी मिठाइयों पर रोक लगाने के अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रविवार को शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने करीब 250 किलो मावा (खोया) जब्त किया। अधिकारियों ने मौके पर ही मावे के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए, जबकि शेष मावा को नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों में रोष फैल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने बिना सूचना और बिना सुनवाई के मावा नष्ट कर, व्यापार को भारी नुकसान पहुंचाया है।
खालापार क्षेत्र के फक़्कर शाह चौक पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने 250 किलो मावे से भरी एक डिजायर कार को पकड़ा है। मावा पकड़े जाने की खबर मिलते ही शहर के मावा व्यापारियों में हड़कंप मच गया। दरोगा लोकेश गौतम ने मेरठ की ओर से आ रही इस गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका। गाड़ी में जरूरत से ज्यादा मावा देखकर उन्होंने तुरंत इसकी सूचना खाद्य विभाग को दी। सूचना मिलते ही खाद्य विभाग आयुक्त अर्चना धीरान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचीं।
खाद्य विभाग की टीम ने गाड़ी में मौजूद मावे से नमूने एकत्रित किए, जिन्हें अब जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।
मावा लेकर आ रहे व्यापारी ने बताया कि वह 250 किलो मावा दौराला (मेरठ) से लेकर मुजफ्फरनगर में तायल परिवार को डिलीवरी देने के लिए आ रहे थे। पुलिस द्वारा मावे से भरी गाड़ी पकड़े जाने की सूचना पर शहर भर के मावा व्यापारियों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद मावे की गुणवत्ता और आगामी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
अचानक हुई कार्रवाई, हड़कंप मच गया-
अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों से पहले मिलावटी मावा और दूध उत्पादों की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।टीम ने जो मावा जब्त किया, वहां से शुद्धता जांच के लिए नमूने लिए गए। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच में मावा की गुणवत्ता संदिग्ध लगी, जिसके चलते उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
व्यापारियों ने जताया विरोध-
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही व्यापारी संगठन के सदस्य मौके पर पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि विभाग को पहले जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करना चाहिए था।
व्यापारियों का आरोप है कि बिना ठोस सबूत के माल नष्ट करना न सिर्फ गलत है, बल्कि इससे व्यापारी वर्ग का भरोसा भी टूट रहा है। उन्होंने मांग की है कि जब तक जांच रिपोर्ट न आ जाए, तब तक जब्त मावे को सुरक्षित रखा जाए।
अधिकारियों का पक्ष-
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि “हमने नियमों के तहत कार्रवाई की है। मावे के नमूने लैब में भेज दिए गए हैं। त्योहारों में उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि मावा शुद्ध पाया गया, तो संबंधित व्यापारियों को सूचित किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कार्रवाइयाँ आगे भी जारी रहेंगी ताकि मिलावटी उत्पादों पर रोक लगाई जा सके।










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