मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र के निरगाजनी गंग नहर झाल पर एक माह पूर्व पनचक्की पुल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। गन्ना पेराई का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में किसानों के लिए अपने खेतों से गन्ने की फसल को मिल तक ले जाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
प्रशासन द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले क्षेत्र के किसानों ने धरना प्रदर्शन किया।
भाकियू ने लगाया शिथिलता बरतने का आरोप-
निरगाजनी गंग नहर पर बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर आक्रोश व्यक्त किया।
भाकियू अराजनैतिक के ब्लाक अध्यक्ष अंकित जावला ने बताया कि गांव रहमतपुर, गड़वाडा, और सिकंदरपुर के किसानों को अपने खेतों पर जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि गन्ना और चारा लाने-ले जाने की समस्या को देखते हुए प्रशासन को पुल का अति शीघ्र निर्माण कराना चाहिए था, लेकिन मामले में शिथिलता बरती जा रही है।
प्रदर्शनकारी किसानों ने शीघ्र पुल निर्माण और जब तक निर्माण शुरू न हो जाए, तब तक अस्थाई व्यवस्था किए जाने की मांग की।
धरना प्रदर्शन में भाकियू के मंडल महासचिव विपिन त्यागी, राजीव सहरावत, राजीव बालियान, यशपाल, राधेश्याम त्यागी, अरविंद चौधरी, धीरेंद्र, देवेंद्र, रोबिन, अनीश समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
4 घंटे बाद पहुंचे अधिकारी, दिया निर्माण का आश्वासन-
किसानों के इस विरोध प्रदर्शन के चलते लगभग चार घंटे तक हंगामा होता रहा। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार ब्रिजेश कुमार और पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता हुसैन अहमद मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और आश्वासन दिया। अवर अभियंता हुसैन अहमद ने बताया कि पुल का सर्वे हो चुका है और बजट बनाकर शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही पुल का निर्माण कार्य तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त किया।










Discussion about this post