मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों में कार्यरत कर्मचारियों का 12वां प्रांतीय अधिवेशन मुजफ्फरनगर में भव्य रूप से आयोजित किया गया। दो दिवसीय इस कार्यक्रम के पहले दिन प्रदेशभर से आए सैकड़ों कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुजफ्फरनगर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रामनाथ सिंह ने की। अधिवेशन का प्रमुख मुद्दा सहकारी बैंकों में कर्मचारियों की भारी कमी और उस पर तुरंत भर्ती की आवश्यकता रहा। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीणों, किसानों और गरीब तबकों को बेहतर सेवा देने के लिए बैंकों में पर्याप्त स्टाफ होना जरूरी है।
अधिवेशन में यह भी मांग उठाई गई कि जैसे भारत सरकार सार्वजनिक और ग्रामीण बैंकों का मर्जर कर रही है, उसी तर्ज पर जिला सहकारी बैंकों का राज्य सहकारी बैंक में विलय किया जाए। इससे न केवल किसानों को अधिक लाभ होगा बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी।
सहकारी बैंक कर्मचारियों ने पेंशन योजना लागू करने की मांग भी दोहराई। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित भविष्य मिलना चाहिए।
अधिवेशन में पारदर्शी शासन, आंतरिक निरीक्षण और नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी बल दिया गया। साथ ही, राजनीतिक हस्तक्षेप को कम करने और रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यप्रणाली अपनाने पर जोर दिया गया।
अधिवेशन का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि मजबूत सहकारी बैंक ही प्रदेश की समृद्धि और किसानों की खुशहाली की आधारशिला हैं।










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