नई दिल्ली : हरजीत कौर, 52 साल की एक साधारण दिखने वाली महिला, बटाला में किराए के मकान में अकेले रहती थीं. उनका बेटा कोई आम इंसान नहीं, जग्गू भगवानपुरिया, पंजाब के कुख्यात गैंगस्टरों में से एक है. जग्गू इस समय असम की जेल में बंद है. इस बीच अब गुरूवार की रात करीब 9 बजे दो कुख्यात गैंगस्टर ने जग्गू भगवानपुरिया की मां हरजीत कौर और उनके बॉडीगार्ड करणवीर सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी गई. तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर उस रात क्या हुआ और जग्गू भगवानपुरिया की क्राइम कुंडली के बारे में.
उस रात, हरजीत कौर अपने बॉडीगार्ड करणवीर सिंह के साथ कहीं से लौट रही थीं. करणवीर, 29 साल का एक युवक, भिखीवाल गांव का रहने वाला था. वह जग्गू का खास आदमी था, जो उसके हथियारों से लेकर पैसे तक सारे काम संभालता था. जग्गू की मां करणवीर दोनों एक गाड़ी में थे. करणवीर ड्राइवर की सीट पर था और हरजीत कौर उसके बगल वाली सीट पर बैठी थीं. गाड़ी घर के बाहर रुकी ही थी कि अचानक दो बाइक सवार युवक वहां पहुंचे और धड़ाधड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी.
इस हमले में करणवीर को चार गोलियां लगीं, और वह मौके पर ही ढेर हो गया. कुछ गोलियां हरजीत कौर को भी छह गोलियां लगीं, और उनकी भी जान नहीं बच सकी. हमलावर फायरिंग के बाद फौरन मौके से फरार हो गए. आसपास के लोग उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि इस हत्या का असली निशाना करणवीर था. लेकिन हरजीत कौर भी इस हमले की चपेट में आ गईं.
वहीं अब इस हत्या की जिम्मेदारी बंबीहा गैंग से जुड़े तीन गैंगस्टरों- डोनी बल बिल्ला मांगा, प्रभू दासूवाल और कौशल चौधरी ने ली है. इनमें से दो गैंगस्टर हरियाणा के हैं. इन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर इस हत्या का दावा किया. पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘सत श्री अकाल मेरे सच्चे वीर को. बटाला में करणवीर का कत्ल हुआ है, इसकी जिम्मेदारी हम लेते हैं. यह जग्गू का सारा काम संभालता था. इसके पास जग्गू के हथियार और पैसे थे. आज हमने अपने भाई गोरे बरयाड़ की हत्या का बदला लिया है. करणवीर को गोरे की हत्या के बारे में सब पता था, फिर भी उसने जग्गू का साथ दिया. अब जो भी हमारे खिलाफ बोलेगा, उसे भी तैयार रहना होगा.’ इस पोस्ट से साफ हो गया कि यह हत्या गैंगवार का हिस्सा थी, और इसके पीछे पुरानी रंजिश थी.
जग्गू भगवानपुरिया गुरदासपुर के भगवानपुर गांव का रहने वाला है. वह पंजाब के अंडरवर्ल्ड का एक बड़ा नाम है. उसके खिलाफ हत्या, फिरौती, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसे 128 केस दर्ज हैं. पंजाब के मशहूर सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी उसका नाम सामने आया था. उसने इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का साथ दिया था. लेकिन बाद में लॉरेंस और जग्गू के बीच दुश्मनी हो गई.
तरनतारन की गोइंदवाल जेल में हुई एक गैंगवार में जग्गू के दो साथी, मनदीप तूफान और मोहना मानसा, मारे गए थे. इसकी जिम्मेदारी लॉरेंस के करीबी गोल्डी बराड़ ने ली थी. इसके बाद से दोनों गैंग्स के बीच जंग और तेज हो गई. मार्च 2025 में जग्गू को बठिंडा जेल से असम की सिलचर जेल में शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन उसका गैंग पंजाब में अभी भी एक्टिव है.
वहीं अब इस हत्या के बाद पंजाब के अंडरवर्ल्ड में एक नई गैंगवार की आशंका बढ़ गई है. बंबीहा गैंग और जग्गू भगवानपुरिया के गैंग के बीच पहले से ही तनाव था, और अब यह हत्या उस आग में घी डालने का काम कर सकती है. पुलिस का मानना है कि यह हमला बदले की कार्रवाई थी, और इसके जवाब में जग्गू का गैंग भी कोई बड़ा कदम उठा सकता है. अब इस मामले में और गहराई से जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज और गैंगस्टरों की सोशल मीडिया पोस्ट से कुछ सुराग ढूंढे जा रहे हैं.











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