मुज़फ़्फ़रनगर : उत्तर प्रदेश की एक महिला एसडीएम सुर्खियों में हैं. इस पीसीएस अधिकारी को लेकर मुजफ्फरनगर के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है. यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने एसडीएम सदर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि एसडीएम भूमाफियाओं के साथ मिलकर अवैध प्लॉटिंग करवा रही हैं. इस शिकायत के बाद जिला प्रशासन से जांच रिपोर्ट मांगी गई है. इससे पहले भी यह एसडीएम विवादों में रह चुकी हैं जब सपा सांसद ने उन पर फोन न उठाने का आरोप लगाया था. आइए जानते हैं कौन हैं ये महिला एसडीएम और क्या है ये पूरा मामला?
तो आपको बता दें कि इस महिला एसडीएम का नाम निकिता शर्मा है. यूपी सरकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक निकिता शर्मा हरियाणा की रहने वाली हैं. निकिता का जन्म 31 मार्च 1995 को हरियाणा में हुआ. शरूआती पढ़ाई लिखाई के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन किया और सिविल सर्विसेज की तैयारी की. आखिरकार उनका सेलेक्शन 2020 में यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC PCS)पीसीएस के लिए हो गया. उन्होंने 13 अप्रैल 2021 को यूपी मे प्रशासनिक सेवा में एंट्री ली.
निकिता शर्मा की सबसे पहली पोस्टिंग शामली में डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुई.वह यहां पर मार्च 2021 से जुलाई 2023 तक रहीं.इसके बाद उनका ट्रांसफर 4 जुलाई 2023 को मुजफ्फरनगर हुआ.जिसके बाद से वह यहां तैनात हैं. हाल ही में मई 2025 में उन्होंने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे हटाने के लिए बुलडोजर चलवाया था, जिसकी काफी चर्चा हुई थी.
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने शासन को पत्र लिखकर एसडीएम सदर निकिता पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.उनका कहना है कि एसडीएम सदर भूमाफियाओं के साथ मिलकर अवैध प्लॉटिंग करवा रही हैं, जो सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के खिलाफ है. अनिल ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.जनता के काम ईमानदारी से होने चाहिए.शासन ने डीएम उमेश मिश्रा को जांच का आदेश दिया है और जिला स्तर पर जांच शुरू हो चुकी है.निकिता शर्मा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है.उनका कहना है कि मेरे पास ऐसी कोई चिट्ठी नहीं आई और न ही मुझसे इस बारे में कोई पूछताछ हुई है.जनवरी से ऐसी बातें चल रही हैं, लेकिन ये बेबुनियाद हैं.
ये पहली बार नहीं है जब निकिता शर्मा विवादों में हैं. सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने पहले उन पर फोन न उठाने और जनता की समस्याओं को अनसुना करने का आरोप लगाया था.उनका पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. मलिक ने कहा था कि जनता के काम के लिए जब वे कॉल करते हैं तो एसडीएम जवाब नहीं देतीं.
शासन ने मामले की जांच के लिए डीएम को निर्देश दिए हैं. जिला प्रशासन जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. अब निकिता शर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच का नतीजा क्या होगा. समय ही बताएगा.











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