नई दिल्ली : ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने अदम्य साहस का परिचय दिया और दुनिया को दिखा दिया कि दुश्मन को कैसे मात दी जाती है। भारतीय जवानों के आगे पाकिस्तानी सेना पिद्दी निकली और उसका एक भी वार कामयाब नहीं हुआ। 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए, 9 आतंकी ठिकाने ध्वस्त हो गए और 11 एयरक्राफ्ट तबाह हो गए। 40 से अधिक पाकिस्तानी जवान और अफसर मारे गए। दुनिया के सामने अपनी किरकिरी करवाने के बाद भी उसके सुधरने के कोई हालात नहीं दिख रहे हैं। पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने एक बार फिर भारत को गीदड़भभकी दी है।
सोमवार को आसिम मुनीर भारतीय हमले में घायल सैनिकों से मुलाकात करने रावलपिंडी में कंबाइंड मिलिट्री अस्पताल पहुंचे थे। भारतीय सेना के हमले में पाकिस्तानी सेना को काफी नुकसान पहुंचा है। मुनीर ने भारतीय सेना की कार्रवाई की निंदा की और वो गीदड़भभकी से भी नहीं चूके। मुनीर ने कहा कि ‘पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित हैं और दुश्मन की कोई भी योजना उनकी ताकत को कमजोर नहीं कर सकती।’
पीटीआई के मुताबिक, जनरल मुनीर ने यह टिप्पणियां 7 मई को भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में पाकिस्तान द्वारा किए गए हमलों के बाद दीं। ऑपरेशन में भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सटीक हमले किए थे, जबकि पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी।
सोमवार रात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा था कि यह केवल एक “प्रयोग” नहीं था, बल्कि भारत की नई आतंकवाद नीति का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत कभी भी पाकिस्तान के परमाणु दबाव में नहीं आएगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग को भारत नहीं सहेगा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में साफ किया कि जब तक पाकिस्तान आतंक फैलाना बंद नहीं करता, तब तक किसी भी तरह की बातचीत का सवाल ही नहीं उठता। पीएम ने कहा कि आतंक और बातचीत साथ नहीं हो सकते, टेरर और ट्रेड साथ नहीं चल सकते और पानी और खून भी साथ नहीं आ सकते। पाकिस्तान की परमाणु गीदड़ भभकियों पर करारा जवाब देते हुए पीएम ने कहा कि भारत हर तरह की चुनौती का जवाब देने में सक्षम है। पीएम ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ी तो अगली कार्यवाही भी होगी, यानी अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है।











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