नई दिल्ली : इंडोनेशिया में समुद्र में कई फीट अंदर एक ऐसा ही रहस्यमयी इतिहास मिला है, जिसे जाकर आप चौंक जाएंगे. ये क्षेत्र आज भले ही समुद्र के नीचे दबा है पर कभी ये हमारी ज़िंदगी का हिस्स…और पढ़ें
जिस तरह अंतरिक्ष में बहुत से रहस्य छिपे हैं, उसी तरह समंदर की गहराइयां भी ऐसे तमाम राज़ समेटे हुए है, जिसके बारे में हम इंसानों को पता भी नहीं है. इंडोनेशिया में समुद्र में कई फीट अंदर एक ऐसा ही रहस्यमयी इतिहास मिला है, जिसे जाकर आप चौंक जाएंगे. ये कोई खज़ाना या सिक्के नहीं बल्कि हमारी ज़िंदगी से जुड़ा वो सीक्रेट है, जिससे वैज्ञानिक भी अब तक अनजान थे.
इंडोनेशिया के पास हुई इस खोज ने दक्षिण-पूर्व एशिया में मानव इतिहास को लेकर अब तक की कई धारणाओं को चुनौती दी है. जावा और मदुरा द्वीपों के बीच समुद्री क्षेत्र में वैज्ञानिकों को एक ऐसा सबूत मिला है, जो हजारों साल पहले मौजूद धरती के एक हिस्से ‘सुंडालैंड’ और वहां के प्राचीन इंसानों के जीवन से जुड़ा हो सकता है. ये क्षेत्र आज भले ही समुद्र के नीचे दबा है पर कभी ये हमारी ज़िंदगी का हिस्सा है.
इस खोज की शुरुआत 2011 में हुई, जब पूर्वी जावा के पास मदुरा स्ट्रेट में समुद्र की रेत निकालने का काम चल रहा था. इसी दौरान मजदूरों को बड़ी मात्रा में यहां फॉसिल्स मिलने लगे. इन जीवाश्मों में से 6,000 से ज्यादा कंकाल शामिल थे. इनमें कोमोडो ड्रैगन, जंगली भैंसे, हिरण और स्टेगोडॉन नाम के विशालकाय हाथी जैसे जानवरों के अवशेष भी थे. सबसे चौंकाने वाली बात ये थी कि इसमें दो इंसानी खोपड़ियों के टुकड़े भी मौजूद थे.
इन खोपड़ी के टुकड़ों की बनावट ने वैज्ञानिकों का ध्यान खींचा. नीदरलैंड्स की यूनिवर्सिटी ऑफ लीडन के पुरातत्वविद हैरॉल्ड बर्गहुइस और उनकी टीम ने इसकी बारीकी से जांच की. जांच में पता चला कि ये टुकड़े होमो इरेक्टस नाम की प्राचीन मानव प्रजाति के हैं, जो आधुनिक इंसानों के पूर्वज माने जाते हैं. इन हड्डियों को समुद्र की रेत और सिल्ट में लगभग 1.4 लाख साल तक दबे रहने के बाद निकाला गया.
वैज्ञानिकों ने ‘ऑप्टिकली स्टिम्युलेटेड ल्यूमिनेसेंस’ नाम की इस तकनीक से इन अवशेषों की उम्र पता की गई. इससे यह भी साफ हुआ कि ये इलाका कभी एक विशाल नदी घाटी था, जो पुराने ‘सोलो नदी तंत्र’ का हिस्सा रही होगी. वहां पाए गए जानवरों और इंसानी अवशेषों से साफ है कि यह इलाका कभी हरियाली और जानवरों से भरा हुआ था. दिलचस्प बात यह भी है कि कई जानवरों की हड्डियों पर काटने के साफ निशान मिले हैं, जो बताता है कि होमो इरेक्टस लोग न केवल शिकार करते थे, बल्कि जानवरों को काटने और मांस निकालने के लिए औजारों का इस्तेमाल भी करते थे.
सुंडालैंड, जो अब समुद्र में डूब चुका है, उस समय एक बड़ा भूभाग था जो दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों को जोड़ता था. वैज्ञानिक मानते हैं कि करीब 14,000 से 7,000 साल पहले समुद्र का स्तर 120 मीटर तक बढ़ा, जिससे यह क्षेत्र पानी में डूब गया. ये खोज एक संयोग से शुरू हुई लेकिन आज ये मानव विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गई है. समुद्र के नीचे छिपे इस रहस्य ने यह दिखाया है कि मानव इतिहास की जड़ें बहुत गहरी हैं.











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