मेरठ। उत्तर प्रदेश में रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति सड़क पर नमाज पढ़ते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और पासपोर्ट व लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की जाएगी।
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने बताया कि ईद की नमाज के लिए सभी धर्मगुरुओं, इमामों और संबंधित संगठनों से अपील की गई है कि नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाहों में ही अदा की जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई सड़क पर नमाज अदा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि पिछले वर्ष भी कुछ स्थानों पर सार्वजनिक रूप से नमाज पढ़ने के मामले सामने आए थे। इस पर 200 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और 80 से अधिक लोगों को चिन्हित किया गया था। इस बार पुलिस ने पहले से ही निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह के उल्लंघन को रोका जा सके।
ईद की नमाज के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने विशेष तैयारी की है। CCTV कैमरों और ड्रोन कैमरों की मदद से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
एसपी सिटी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी मस्जिदों और ईदगाहों को नोटिस जारी किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नमाज केवल निर्धारित स्थलों पर ही हो। उन्होंने कहा कि यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकतानुसार पासपोर्ट व शस्त्र लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भी की जाएगी।
मेरठ पुलिस प्रशासन ने आम जनता से शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि कोई अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।











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